“Martyr’s father’s emotional plea to immortalize Lt. Vinay Narwal’s sacrifice”: “शहीद लेफ़्टिनेंट विनय नरवाल की शहादत को अमर करने की पिता की मार्मिक अपील”
सर्च न्यूज: सच के साथ: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में अप्रैल 2025 में हुए आतंकी हमले में शहीद हुए सैन्य अधिकारी लेफ़्टिनेंट विनय नरवाल के परिवार ने उनके बलिदान को हमेशा याद रखने की भावुक अपील की है। हमले में कई निर्दोष लोगों के साथ लेफ़्टिनेंट विनय नरवाल भी शहीद हो गए थे। उनके परिजन आज भी इस गहरे सदमे से उबर नहीं पाए हैं, लेकिन वे अपने बेटे की शहादत को देश की यादों में अमर देखना चाहते हैं।
शहीद के पिता ने सरकार से अनुरोध किया है कि उनके बेटे के नाम पर किसी स्कूल या अस्पताल का नाम रखा जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियां उनके साहस और कुर्बानी से प्रेरणा ले सकें। परिवार ने पहलगाम हमले के बाद भारत सरकार द्वारा उठाए गए कड़े कदमों की भी सराहना की है। हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव के जवाब में सरकार ने सिंधु जल समझौते को रोकने, अटारी बॉर्डर पोस्ट को बंद करने और पाकिस्तानी नागरिकों के लिए सार्क वीज़ा सुविधा को निलंबित करने जैसे महत्वपूर्ण फैसले लिए थे।
पीड़ित परिवार का कहना है कि सरकार की त्वरित कार्रवाई ने उन्हें यह भरोसा दिलाया है कि देश अपने शहीदों के साथ खड़ा है। अब वे चाहते हैं कि उनके बेटे की स्मृति को एक स्थायी रूप दिया जाए, जो समाज के लिए सेवा और समर्पण का प्रतीक बने।
