‘नशे को NO, जिंदगी को YES’ का संदेश लेकर सड़कों पर उतरा प्रशासन, DC-SSP ने दिखाई हरी झंडी; युवाओं को बचाने की बड़ी मुहिम शुरू
जमशेदपुर: नशे के बढ़ते खतरे के बीच पूर्वी सिंहभूम प्रशासन ने एक ऐसी मुहिम शुरू की है, जिसका उद्देश्य केवल जागरूकता फैलाना नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य को बचाना भी है। सोमवार को जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने संयुक्त रूप से नशा मुक्ति जागरूकता अभियान की शुरुआत की। उपायुक्त राजीव रंजन और वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) ने जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और समाज को नशामुक्त बनाने का संकल्प दोहराया।
अधिकारियों ने कहा कि आज के समय में युवाओं को नशे के जाल से बचाना सबसे बड़ी सामाजिक जिम्मेदारी बन गई है। कई प्रतिभाशाली युवा नशे की लत के कारण अपना भविष्य बर्बाद कर रहे हैं। ऐसे में जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार है।
अभियान के तहत जागरूकता वाहन जिले के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर लोगों को नशे के खिलाफ संदेश देगा। स्कूलों, कॉलेजों, सार्वजनिक स्थलों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। लोगों को यह बताया जाएगा कि नशा किस प्रकार धीरे-धीरे व्यक्ति की मानसिक, शारीरिक और आर्थिक स्थिति को कमजोर कर देता है।
कार्यक्रम के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि यदि आसपास कहीं भी नशीले पदार्थों की बिक्री या सेवन की जानकारी मिले तो इसकी सूचना तुरंत प्रशासन और पुलिस को दें। नशे के खिलाफ लड़ाई केवल सरकार या पुलिस की नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है।
उपायुक्त राजीव रंजन ने कहा कि युवाओं की ऊर्जा और प्रतिभा देश के विकास की सबसे बड़ी ताकत है। यदि युवा नशे से दूर रहेंगे तो समाज और राष्ट्र दोनों मजबूत होंगे। वहीं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट संदेश दिया कि नशे के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
जमशेदपुर में शुरू हुई यह मुहिम सिर्फ एक अभियान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी को सुरक्षित और बेहतर भविष्य देने का प्रयास है। अब देखने वाली बात होगी कि प्रशासन की यह पहल समाज के कितने लोगों को जागरूक कर पाती है और नशे के खिलाफ इस लड़ाई को कितना मजबूत बनाती है।
संदेश साफ है—नशा जिंदगी छीनता है, जागरूकता जिंदगी बचाती है।
