निहंग विवाद पर हाई अलर्ट, सीमा पर कड़ी निगरानी
उत्तराखंड में निहंग सिखों से जुड़े विवाद को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। कर्णप्रयाग में गिरफ्तार अपने साथियों की रिहाई की मांग को लेकर निहंग समुदाय के प्रतिनिधि अड़े हुए हैं। इस बीच गुरुद्वारा पांवटा साहिब में प्रशासन और निहंग प्रतिनिधियों के बीच कई दौर की बातचीत जारी है। अधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि संवाद के जरिए विवाद का शांतिपूर्ण समाधान निकाला जा सकेगा।
यह पूरा विवाद 16 जून को कर्णप्रयाग में हेमकुंड साहिब यात्रा के दौरान पार्किंग को लेकर हुए विवाद से शुरू हुआ था। आरोप है कि कहासुनी बढ़ने पर कुछ निहंगों ने तलवारें निकालकर स्थानीय लोगों पर हमला किया, जिसके बाद चार निहंगों को गिरफ्तार किया गया। बाद में रुद्रप्रयाग के नगरासू गुरुद्वारे में भी तनाव की स्थिति बनी थी, जिसे प्रशासन और पंजाब से आए प्रतिनिधिमंडल की मध्यस्थता के बाद शांत कराया गया।
फिलहाल प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और आम लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और किसी भी प्रकार की अशांति फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अब सभी की नजर प्रशासन और निहंग समुदाय के बीच चल रही वार्ता के नतीजे पर टिकी हुई है।
