May 21, 2026

नॉर्डिक देशों से भारत की नई रणनीतिक दोस्ती, इटली पहुंचकर PM मोदी ने दिया ‘नए भारत’ का बड़ा संदेश

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यूरोप दौरे पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समय वैश्विक मंच पर भारत की नई रणनीतिक ताकत को मजबूत करने में जुटे हैं। नॉर्वे में आयोजित तीसरे इंडिया-नॉर्डिक समिट के बाद अब पीएम मोदी इटली पहुंच चुके हैं, जहां उनका भव्य स्वागत हुआ। इस दौरे को केवल एक कूटनीतिक यात्रा नहीं, बल्कि “नए भारत के नए मिशन” के रूप में देखा जा रहा है।

नॉर्डिक देशों—नॉर्वे, फिनलैंड, डेनमार्क और आइसलैंड—के नेताओं के साथ हुई बैठकों में पीएम मोदी ने साफ संदेश दिया कि भारत अब केवल एक बड़ा बाजार नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी, ग्रीन एनर्जी और ग्लोबल इनोवेशन का मजबूत साझेदार बन चुका है।

समिट के दौरान पीएम मोदी ने लोकतंत्र, कानून के शासन और बहुपक्षवाद को भारत और नॉर्डिक देशों की साझेदारी की सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि आने वाला भारत-यूरोप मुक्त व्यापार समझौता (FTA) दोनों क्षेत्रों के रिश्तों में “Golden Era” की शुरुआत कर सकता है।

बैठकों में क्लीन एनर्जी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ब्लू इकोनॉमी, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, ग्रीन ट्रांजिशन और रक्षा सहयोग जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। भारत ने नॉर्डिक देशों की तकनीकी विशेषज्ञता और निवेश क्षमता को अपने विकास मॉडल से जोड़ने की दिशा में बड़ा संकेत दिया है।

यूक्रेन और पश्चिम एशिया के तनाव पर भी पीएम मोदी ने शांति का पक्ष लेते हुए कहा कि भारत हमेशा संघर्ष खत्म करने और वैश्विक स्थिरता बनाए रखने के प्रयासों का समर्थन करता रहेगा। आतंकवाद पर उन्होंने दो टूक कहा कि “इस मुद्दे पर कोई दोहरा मापदंड स्वीकार नहीं किया जाएगा।”

इटली दौरे के दौरान पीएम मोदी राष्ट्रपति सर्जियो मैटारेला और प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी से भी मुलाकात करेंगे। माना जा रहा है कि व्यापार, रक्षा और रणनीतिक साझेदारी को लेकर कई बड़े फैसले सामने आ सकते हैं।

भारत और नॉर्डिक देशों के बीच बढ़ता सहयोग यह दिखाता है कि बदलती वैश्विक राजनीति में भारत अब केवल भागीदार नहीं, बल्कि एक निर्णायक शक्ति के रूप में उभर रहा है।

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