April 5, 2026

“पुल की प्रतीक्षा, जनता की पीड़ा: बागबेड़ा सिद्धू कान्हू मैदान के समीप ब्रिज बॉक्स पुल निर्माण में देरी, लोगों को हो रही भारी परेशानी”

बागबेड़ा सिद्धू कान्हू मैदान से निचे निर्माणाधीन बॉक्स ब्रिज

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सर्च न्यूज़ : सच के साथ: जनसमस्या

Jamshedpur :

बागबेड़ा बड़ौदा घाट जाने वाले मुख्य सड़क पर सिद्धू कानू मैदान के समीप नाला पर बनाए जा रहे बॉक्स ब्रिज में हो रही देरी से आम जनता को भारी समस्या का सामना करना पड़ रहा है ।पथ निर्माण विभाग द्वारा बनाया 4 करोड़ रुपये की लागत से बॉक्स ब्रिज का निर्माण किया जा रहा है , जिसे 15 महीने में पूरा कर लेना था परन्तु समय समय पर यह प्रोजेक्ट पूरा नहीं हो पाया ।

सर्च न्यूज की पहल ,जनता की समस्या को समाधान तक निभाएंगे साथ


सर्च न्यूज के संपर्क करने पर जल्द से जल्द पुल निर्माण का आश्वासन संबंधित अधिकारियों द्वारा जा रहा है । विभाग द्वारा कहा जा रहा है कि बारिश में काम रुक जाने के कारण पुल बनाने में देरी हुई , कोशिश किया जा रहा है कि पुल का निर्माण शीघ्र हो ।

कुछ काम बचे है अधूरे

बॉक्स ब्रिज में अब केवल एप्रोच रोड, मिट्टी कटिंग और गार्डवाल निर्माण का कार्य शेष है।इस कार्य को चाईबासा की राज यादव एजेंसी द्वारा किया जा रहा है। 15 महीने में कार्य पूरा करना था परन्तु था, आज भी अधूरा है।

नया ब्रिज बॉक्स लगभग 8 फीट पुराने पुलिया से ऊंचा बनाया जा रहा है

नया बॉक्स ब्रिज पुराने पुलिया से लगभग 8 फीट ऊंचा बनाया गया है, जिससे बरसात के दौरान नाले में पानी जमने की समस्या से निजात मिलेगी। इससे क्षेत्र के आवागमन में भी काफी सुधार होगा।गौरतलब है कि इस पुलिया के निर्माण से पहले स्थानीय लोगों को वर्षों तक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। रेलवे विभाग द्वारा पुराने पुलिया के पास एनओसी नहीं दिए जाने, पाइपलाइन से छेड़छाड़ की अनुमति न मिलने और पुराने ढांचे को तोड़ने की मंजूरी नहीं मिलने के कारण यह परियोजना लंबे समय तक अटकी रही।

पोटका विधायक संजीव सरदार ने उठाया था मामला

पोटका विधानसभा क्षेत्र के विधायक संजीव सरदार ने इस मुद्दे को राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के समक्ष उठाया। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद विभागीय स्तर पर टेंडर जारी किया गया और निर्माण कार्य शुरू हो सका।

रेलवे के NOC नहीं मिलने के कारण छूटा था ब्रिज

उल्लेखनीय है कि जब स्टेशन से बड़ौदा घाट तक सड़क का निर्माण किया गया था, उसी समय इस पुलिया का निर्माण भी प्रस्तावित था। लेकिन रेलवे से एनओसी न मिलने के कारण यह कार्य उस समय अधूरा रह गया था।