पश्चिम बंगाल की राजनीति में विधानसभा चुनाव के बाद सियासी टकराव और तेज हो गया है। मुख्यमंत्री Suvendu Adhikari ने रविवार को साफ शब्दों में कहा कि राज्य में अब “सबका साथ, सबका विकास” के साथ-साथ “सबका हिसाब” भी होगा। उनका यह बयान सीधे तौर पर पूर्व सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस पर निशाना माना जा रहा है।
नंदीग्राम में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने BJP कार्यकर्ताओं से कानून हाथ में न लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि अगर पार्टी कार्यकर्ता चाहते तो विरोधियों के घर तक तोड़ सकते थे, लेकिन सरकार कानून के दायरे में रहकर कार्रवाई करेगी। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि “किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा और सबको जेल भेजा जाएगा।”
सुवेंदु अधिकारी ने दावा किया कि पिछली सरकार के दौरान नंदीग्राम में BJP कार्यकर्ताओं पर हजारों “फर्जी केस” दर्ज किए गए थे। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार चुनाव के दौरान किए गए हर वादे को पूरा करेगी और वे आगे भी नंदीग्राम की जनता के साथ जुड़े रहेंगे।
दूसरी तरफ पूर्व मुख्यमंत्री Mamata Banerjee ने चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह चुनाव लोकतंत्र का मजाक था। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि लाखों मतदाताओं के नाम हटाए गए, मतगणना केंद्रों पर धांधली हुई और विपक्षी एजेंटों को परेशान किया गया।
ममता ने यह भी कहा कि उन्होंने राज्य में कई संस्थाओं और योजनाओं को खड़ा किया था, लेकिन नई सरकार उन्हें खत्म करने में लगी है। उन्होंने “बुलडोजर राजनीति” का आरोप लगाते हुए कहा कि गरीबों और छोटे व्यापारियों की आजीविका प्रभावित हो रही है।
बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद दोनों बड़े राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है। एक तरफ BJP कानून और जवाबदेही की बात कर रही है, तो दूसरी ओर तृणमूल कांग्रेस लोकतांत्रिक संस्थाओं पर खतरे का आरोप लगा रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में राज्य की राजनीति और ज्यादा गरमाने के संकेत दिखाई दे रहे हैं।