June 11, 2026

स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में टीकाकरण, कुपोषण प्रबंधन एवं संस्थागत प्रसव तथा अन्य कार्यक्रमों की हुई समीक्षा

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सर्च न्यूज: सच के साथ: जमशेदपुर : उपायुक्त राजीव रंजन की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षात्मक बैठक हुई, जिसमे टीकाकरण, संस्थागत प्रसव, कुपोषण प्रबंधन, पल्स पोलियो अभियान, राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस (एनडीडी), जन शिकायतों के निष्पादन, डायलिसिस सेवा, प्रोजेक्ट उल्लास सहित विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों एवं योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई. उपायुक्त ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं का अंतिम उद्देश्य प्रत्येक जरूरतमंद व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा पहुंचाना है. इसके लिए स्वास्थ्य संस्थानों में नियमित निगरानी, प्रभावी समन्वय और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए. जन शिकायत पोर्टल की समीक्षा में उपायुक्त ने लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन तथा शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण समाधान पर विशेष बल दिया.टीकाकरण कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने आरआई (रूटीन इम्यूनाइजेशन) सत्रों के दौरान वेरिफिकेशन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. साथ ही छूटे हुए बच्चों एवं परिवारों की पहचान कर उन्हें नियमित टीकाकरण से जोड़ने का निर्देश दिया. कुपोषण प्रबंधन एवं एमटीसी (माल न्यूट्रिशन ट्रीटमेंट सेंटर) की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने बहरागोड़ा, घाटशिला, मुसाबनी, पोटका एवं टेल्को स्थित केंद्रों में बेड ऑक्यूपेंसी बढ़ाने के निर्देश दिए. उन्होंने स्वास्थ्य विभाग एवं आईसीडीएस विभाग के बीच संयुक्त बैठक आयोजित कर कुपोषित बच्चों की पहचान, रेफरल एवं उपचार व्यवस्था को और प्रभावी बनाने पर बल दिया. सेविका, सहिया एवं स्वास्थ्य कर्मियों के समन्वित प्रयासों से अधिक से अधिक बच्चों को उपचार से जोड़ने के निर्देश दिए गए.’प्रोजेक्ट उल्लास’ के अंतर्गत मिर्गी रोगियों की पहचान एवं उपचार की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने नियमित स्वास्थ्य शिविरों के आयोजन तथा चिन्हित मरीजों के सतत फॉलोअप को सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. वहीं सदर अस्पताल एवं घाटशिला अनुमंडल अस्पताल में संचालित डायलिसिस सेवाओं की समीक्षा में सेवा प्रभावित नहीं हो इसे सुनिश्चित करने पर बल दिया. राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस (एनडीडी) कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान बहरागोड़ा, चाकुलिया, धालभूमगढ़ एवं डुमरिया प्रखंड में अपेक्षाकृत कम उपलब्धि पर विशेष ध्यान देने तथा व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने को कहा गया.संस्थागत प्रसव की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने जिले में शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. समुदाय स्तर पर जागरूकता बढ़ाने को कहा. उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों एवं स्वास्थ्य उपकेंद्रों में स्वास्थ्य कर्मियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने पर भी बल दिया. बैठक में डेंगू, मलेरिया, टीबी, कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम एवं एनीमिया मुक्त भारत अभियान की भी समीक्षा की गई. उपायुक्त ने विशेष रूप से दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्क्रीनिंग, जांच एवं उपचार सेवाओं को सुदृढ़ करने तथा स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के निर्देश दिए. बैठक में डीडीसी नागेंद्र पासवान, सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल, डॉ. मृत्युंजय धावड़िया, सभी एमओआईसी, डीपीसी, डीडीएम, बीएएम, बीपीएम, बीडीएम तथा स्वास्थ्य विभाग के अन्य पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे.

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