June 16, 2026

टाटा ट्रस्ट्स का बड़ा ऐलान! समाजसेवा पर खर्च होंगे 2000 करोड़, कैंसर अस्पताल से यूनिवर्सिटी तक बदलेगी तस्वीर

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नई दिल्ली: जब देश की बड़ी कंपनियां मुनाफे और विस्तार की योजनाओं में जुटी हैं, तब टाटा ट्रस्ट्स ने एक ऐसा फैसला लिया है जो सीधे करोड़ों लोगों के जीवन को प्रभावित कर सकता है। ट्रस्ट ने समाजसेवा और जनकल्याण पर खर्च बढ़ाकर करीब 2000 करोड़ रुपये करने की घोषणा की है। यह रकम स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक विकास से जुड़ी बड़ी परियोजनाओं में लगाई जाएगी।

टाटा ट्रस्ट्स के CEO सिद्धार्थ शर्मा के अनुसार, पिछले वित्त वर्ष में ट्रस्ट ने करीब 1600 करोड़ रुपये परोपकारी कार्यों पर खर्च किए थे, जबकि मौजूदा वित्त वर्ष में यह आंकड़ा बढ़कर लगभग 2000 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।

सबसे दिलचस्प बात यह है कि यह पैसा सिर्फ दान के रूप में नहीं बांटा जाएगा। ट्रस्ट देश के विभिन्न राज्यों में किफायती कैंसर उपचार सुविधाओं को मजबूत करने, एक विश्वस्तरीय स्नातक विश्वविद्यालय स्थापित करने और मध्य भारत में अत्याधुनिक मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल के निर्माण जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं पर काम कर रहा है।

टाटा ट्रस्ट्स का दावा है कि उसकी परोपकारी परंपरा 100 साल से भी अधिक पुरानी है और यही उसकी पहचान का मूल आधार है। ट्रस्ट को मिलने वाले लाभांश का बड़ा हिस्सा समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों के उत्थान के लिए लगाया जाता है।

ऐसे समय में जब कॉर्पोरेट जगत अक्सर मुनाफे के आंकड़ों से सुर्खियां बटोरता है, टाटा ट्रस्ट्स का यह कदम सामाजिक निवेश की नई मिसाल के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले वर्षों में इसका असर स्वास्थ्य, शिक्षा और शोध के क्षेत्र में लाखों लोगों तक पहुंच सकता है।