आम की मिठास से पिघली तल्खी, बांग्लादेश का बड़ा संदेश
भारत और बांग्लादेश के बीच हाल के दिनों में अवैध प्रवासियों की वापसी को लेकर पैदा हुए तनाव के बीच ढाका ने सद्भावना का एक प्रतीकात्मक कदम उठाया है। बांग्लादेश सरकार ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी को 100 किलोग्राम आम भेजे हैं। इस पहल को दोनों देशों के रिश्तों में सकारात्मक संकेत और कूटनीतिक सौहार्द की मिसाल माना जा रहा है।
भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में ‘मैंगो डिप्लोमेसी’ कोई नई परंपरा नहीं है। पहले भी बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना आम और हिलसा मछली जैसे सांस्कृतिक प्रतीकों के जरिए दोनों देशों के बीच विश्वास और मित्रता को मजबूत करने का संदेश देती रही हैं। इस बार भी आमों का यह उपहार उसी परंपरा की निरंतरता के रूप में देखा जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि कूटनीति में ऐसे सांस्कृतिक और प्रतीकात्मक उपहार कई बार औपचारिक वार्ताओं से अधिक प्रभाव छोड़ते हैं। सीमाई और राजनीतिक चुनौतियों के बीच बांग्लादेश का यह कदम संकेत देता है कि दोनों पड़ोसी देश मतभेदों के बावजूद संवाद, सहयोग और आपसी विश्वास बनाए रखने के पक्षधर हैं।
