June 14, 2026

अब नहीं होगी नदी पार करने की परेशानी! सतगुडुम नदी पर पुल का लोकार्पण, विधायक मंगल कालिंदी बोले- ‘जमीन पर दिखता है विकास’

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वर्षों का इंतजार खत्म, पुल बनने से दर्जनों गांवों की राह हुई आसान

जमशेदपुर/जुगसलाई: विकास की असली पहचान तब होती है जब उसका असर सीधे लोगों की जिंदगी पर दिखाई दे। पूर्वी सिंहभूम के ग्रामीण इलाके में ऐसा ही एक महत्वपूर्ण कदम तब देखने को मिला, जब सतगुडुम नदी पर बने नए पुल का लोकार्पण जुगसलाई विधायक मंगल कालिंदी ने किया। पुल के उद्घाटन के साथ ही वर्षों से बेहतर आवागमन की मांग कर रहे ग्रामीणों को बड़ी राहत मिल गई।

लोकार्पण समारोह के दौरान स्थानीय लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। ग्रामीणों का कहना था कि बरसात के दिनों में नदी पार करना किसी चुनौती से कम नहीं होता था। कई बार बच्चों की पढ़ाई, मरीजों के इलाज और किसानों के कामकाज पर भी इसका सीधा असर पड़ता था। अब पुल बनने के बाद इन समस्याओं से काफी हद तक निजात मिलेगी।

विकास अब कागजों पर नहीं, जमीन पर दिख रहा है: मंगल कालिंदी

पुल के उद्घाटन के दौरान विधायक मंगल कालिंदी ने कहा कि राज्य की हेमंत सोरेन सरकार विकास को सिर्फ घोषणाओं तक सीमित नहीं रख रही, बल्कि उसे धरातल पर उतारने का काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, पुल और बुनियादी सुविधाओं का विस्तार सरकार की प्राथमिकता है। सतगुडुम नदी पर बना यह पुल भी उसी सोच का परिणाम है, जो लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को आसान बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।

गांवों की अर्थव्यवस्था को मिलेगा फायदा

स्थानीय लोगों का मानना है कि यह पुल केवल आवाजाही का साधन नहीं, बल्कि क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति देगा। किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में आसानी होगी, विद्यार्थियों को स्कूल-कॉलेज जाने में सुविधा मिलेगी और आपातकालीन परिस्थितियों में स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच भी बेहतर होगी।

विशेषज्ञों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे बुनियादी ढांचे का निर्माण स्थानीय विकास को कई गुना बढ़ाने का काम करता है।

विकास की नई राह

सतगुडुम नदी पर बना यह पुल केवल कंक्रीट और लोहे का ढांचा नहीं, बल्कि उन हजारों लोगों की उम्मीदों का प्रतीक है जो बेहतर संपर्क और सुविधाओं का इंतजार कर रहे थे।

आखिर में…

जब किसी गांव को सड़क और पुल से जोड़ा जाता है, तो सिर्फ रास्ते नहीं खुलते, बल्कि शिक्षा, रोजगार और विकास के नए अवसर भी जन्म लेते हैं। सतगुडुम नदी का यह पुल उसी बदलाव की नई कहानी लिखने जा रहा है।

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