G7 में मोदी-ट्रंप की ‘महामुलाकात’! दुनिया की नजरें फ्रांस पर, व्यापार से वैश्विक तनाव तक कई बड़े मुद्दों पर होगी चर्चा
16 महीने बाद आमने-सामने होंगे भारत और अमेरिका के सबसे चर्चित नेता, क्या निकलेगा कोई बड़ा फॉर्मूला?
सूत्रों के अनुसार, इस मुलाकात में भारत-अमेरिका व्यापार समझौता सबसे बड़ा एजेंडा हो सकता है। पिछले कुछ महीनों से दोनों देशों के बीच व्यापारिक समझौते को लेकर गहन बातचीत चल रही है। हालांकि अमेरिकी अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि G7 सम्मेलन में अंतिम समझौते की संभावना कम है, लेकिन दोनों नेता वार्ता को आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण दिशा तय कर सकते हैं।
व्यापार से आगे भी होंगे बड़े मुद्दे
बैठक सिर्फ व्यापार तक सीमित नहीं रहने वाली। ऊर्जा सुरक्षा, वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला, तकनीकी सहयोग और रणनीतिक साझेदारी जैसे विषय भी चर्चा में रह सकते हैं। भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका और अमेरिका के साथ उसके मजबूत होते संबंधों को देखते हुए यह मुलाकात कई मायनों में अहम मानी जा रही है।
वैश्विक तनाव के बीच होगी बातचीत
यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई तनावपूर्ण घटनाएं चर्चा में हैं। पश्चिम एशिया की स्थिति, ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री सुरक्षा जैसे मुद्दे भी दोनों नेताओं के बीच बातचीत का हिस्सा बन सकते हैं। हाल के घटनाक्रमों ने भारत और अमेरिका के बीच कुछ संवेदनशील विषयों को भी चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
मोदी का वैश्विक संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने G7 सम्मेलन में भाग लेने से पहले कहा है कि भारत केवल अपने हितों की नहीं, बल्कि ग्लोबल साउथ यानी विकासशील देशों की आकांक्षाओं और चिंताओं की भी आवाज उठाएगा। ऐसे में यह सम्मेलन भारत की कूटनीतिक सक्रियता का एक और बड़ा मंच बनने जा रहा है।
क्यों खास है यह मुलाकात?
विशेषज्ञों का मानना है कि दुनिया की दो बड़ी लोकतांत्रिक शक्तियों के नेताओं की यह मुलाकात आने वाले महीनों में वैश्विक व्यापार, निवेश, तकनीक और रणनीतिक सहयोग की दिशा तय कर सकती है। यही वजह है कि फ्रांस में होने वाली यह बातचीत केवल भारत और अमेरिका ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
G7 सम्मेलन में होने वाली मोदी-ट्रंप मुलाकात से क्या कोई बड़ा व्यापारिक या रणनीतिक संदेश निकलकर आएगा? इसका जवाब आने वाले दिनों में दुनिया को मिल सकता है।
