June 14, 2026

झारखंड में उद्योगों की नई क्रांति! पूर्वी सिंहभूम में ₹156 करोड़ का एथेनॉल प्लांट, 200 युवाओं को मिलेगा रोजगार

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मुसाबनी की बदलेगी तस्वीर, बायोफ्यूल हब बनने की राह पर पूर्वी सिंहभूम

जमशेदपुर: झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के लिए एक बड़ी औद्योगिक खुशखबरी सामने आई है। मुसाबनी प्रखंड के रूआम गांव में करीब ₹156 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक एथेनॉल प्लांट स्थापित होने जा रहा है। इस परियोजना से न केवल जिले की औद्योगिक पहचान मजबूत होगी, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए दरवाजे भी खुलेंगे। अनुमान है कि इस परियोजना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से करीब 200 लोगों को रोजगार मिलेगा।

इस महत्वाकांक्षी परियोजना को हरियाणा की किजलाक स्टार्क एग्रो प्राइवेट लिमिटेड स्थापित करेगी। इसके लिए झारखंड सरकार ने कंपनी को 25 एकड़ भूमि आवंटित कर दी है। परियोजना के तहत प्रतिदिन 100 किलोलीटर एथेनॉल उत्पादन की क्षमता वाला प्लांट लगाया जाएगा। साथ ही परिसर में 2.8 मेगावाट बिजली उत्पादन की को-जनरेशन यूनिट भी स्थापित की जाएगी।

मुसाबनी बनेगा नया औद्योगिक केंद्र

अब तक मुसाबनी की पहचान मुख्य रूप से खनन क्षेत्र के रूप में रही है, लेकिन एथेनॉल प्लांट की स्थापना के बाद यह इलाका बायोफ्यूल उद्योग के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभर सकता है। परियोजना से स्थानीय व्यापार, परिवहन, लॉजिस्टिक्स और छोटे उद्योगों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

देश के E-20 मिशन को मिलेगी ताकत

भारत सरकार पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण (E-20) के लक्ष्य को तेजी से आगे बढ़ा रही है। ऐसे में पूर्वी सिंहभूम का यह नया प्लांट राष्ट्रीय एथेनॉल उत्पादन क्षमता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि एथेनॉल न केवल पेट्रोलियम आयात पर निर्भरता कम करता है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी अहम योगदान देता है।

जिले का दूसरा एथेनॉल प्लांट

गौरतलब है कि पूर्वी सिंहभूम में यह दूसरा एथेनॉल प्लांट होगा। इससे पहले बहरागोड़ा के ओल्डा गांव में स्थापित प्लांट सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है। नए निवेश से यह साफ संकेत मिल रहा है कि जिले में बायोफ्यूल सेक्टर तेजी से विस्तार कर रहा है।

रोजगार और विकास की नई उम्मीद

औद्योगिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना सिर्फ एक फैक्ट्री नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को गति देने वाली पहल साबित हो सकती है। स्थानीय युवाओं को रोजगार, किसानों को संभावित बाजार और क्षेत्र को नई औद्योगिक पहचान मिलने की संभावना है।

बदल रही है पूर्वी सिंहभूम की तस्वीर

एक तरफ टाटानगर रेलवे और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में बड़े निवेश देख रहा है, वहीं दूसरी तरफ मुसाबनी में एथेनॉल प्लांट की स्थापना यह संकेत दे रही है कि पूर्वी सिंहभूम तेजी से औद्योगिक विकास के नए दौर में प्रवेश कर रहा है।अगर सब कुछ तय समय पर हुआ, तो 2026-27 में शुरू होने वाला यह प्लांट मुसाबनी को झारखंड के उभरते औद्योगिक नक्शे पर नई पहचान दिला सकता है।

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