May 27, 2026

असम में UCC बिल पास, समान नागरिक संहिता लागू करने वाला देश का तीसरा राज्य बना

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गुवाहाटी: असम विधानसभा में बुधवार को यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) बिल पास होने के साथ ही राज्य ने एक बड़ा राजनीतिक और कानूनी कदम उठा लिया है। उत्तराखंड और गुजरात के बाद अब असम भी समान नागरिक संहिता लागू करने वाला देश का तीसरा राज्य बन गया है। मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma ने इसे “ऐतिहासिक फैसला” बताते हुए कहा कि यह भाजपा के प्रमुख चुनावी वादों में शामिल था।

पांच दिवसीय विधानसभा सत्र के अंतिम दिन इस बिल पर जोरदार बहस हुई। विपक्ष ने बिल को सेलेक्ट कमेटी के पास भेजने की मांग की, लेकिन भारी हंगामे के बीच सरकार ने बहुमत के दम पर इसे पास करा लिया। अब यह विधेयक राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।

इस नए कानून के तहत बहुविवाह (Polygamy) और बिगैमी पर सख्त रोक लगाने का प्रावधान किया गया है। बिल में ऐसे मामलों में सात साल तक की सजा का प्रस्ताव रखा गया है। वहीं, लिव-इन रिलेशनशिप का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य बनाया गया है और ऐसा नहीं करने पर तीन महीने तक की सजा हो सकती है।

हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह कानून असम में रहने वाली अनुसूचित जनजातियों (Scheduled Tribes) पर लागू नहीं होगा। इसी वजह से यह बिल राजनीतिक और सामाजिक बहस का बड़ा केंद्र बन गया है।

मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि UCC समाज में समानता लाने और महिलाओं के अधिकारों को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि अलग-अलग व्यक्तिगत कानूनों की जगह एक समान कानूनी व्यवस्था लागू होने से न्याय व्यवस्था और अधिक स्पष्ट और प्रभावी बनेगी।

वहीं विपक्षी दलों और कुछ सामाजिक संगठनों ने इस कानून पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि इतने संवेदनशील विषय पर और व्यापक चर्चा की जरूरत थी। कुछ संगठनों ने इसे सांस्कृतिक और धार्मिक विविधता से जोड़कर भी सवाल उठाए हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि असम में UCC लागू होने का असर राष्ट्रीय राजनीति पर भी देखने को मिल सकता है। आने वाले समय में अन्य राज्यों में भी इस तरह की बहस तेज होने की संभावना जताई जा रही है।

फिलहाल असम सरकार इसे अपनी बड़ी राजनीतिक और वैचारिक जीत के रूप में पेश कर रही है, जबकि विपक्ष इसे लेकर जनता के बीच अपनी रणनीति बनाने में जुट गया है।