April 14, 2026

Chandil/Saraikela : चांंडिल के सापारुम गांव में जंगली हाथी का तांडव, घर के पास ही ग्रामीण को पटककर कुचला, मौके पर ही मौत

Chandil/Saraikela

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Chandil/Saraikela : सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल अनुमंडल अंतर्गत कुकडू प्रखंड में शनिवार की सुबह मौत बनकर आए एक जंगली हाथी ने भारी तबाही मचाई। तिरुलडीह पंचायत के सापारुम गांव में हाथी ने एक ग्रामीण को अपनी चपेट में लेकर बेरहमी से कुचल दिया, जिससे उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत और गम का माहौल है।

सुबह-सवेरे गांव में घुसा ‘गजराज’, संभलने का भी नहीं मिला मौका

मृतक की पहचान सापारुम गांव निवासी राधा तंतुबाई के रूप में की गई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शनिवार की अहले सुबह जब ग्रामीण अपने दैनिक कार्यों की शुरुआत कर रहे थे, तभी एक विशालकाय जंगली हाथी अचानक जंगल से निकलकर रिहायशी इलाके में दाखिल हो गया। इससे पहले कि राधा तंतुबाई अपनी जान बचाने के लिए कहीं सुरक्षित स्थान पर भाग पाते, हाथी ने उन्हें सूंड से पकड़कर जमीन पर पटक दिया और पैरों तले कुचल डाला। हमले की भयावहता देख ग्रामीणों में चीख-पुकार मच गई, लेकिन हाथी के रौद्र रूप के आगे कोई भी बचाव के लिए पास जाने की हिम्मत नहीं जुटा सका।

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दहशत के साये में ग्रामीण: घरों में कैद होने को मजबूर हुए लोग

हाथी के हमले के बाद सापारुम और आसपास के गांवों में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीण अपनी जान बचाने के लिए घरों की छतों और कमरों में दुबक गए। घंटों तक गांव में सन्नाटा पसरा रहा और लोग बाहर निकलने से कतराते रहे। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले कुछ महीनों से इस इलाके में जंगली हाथियों का विचरण काफी बढ़ गया है। हाथियों के झुंड न केवल खेतों में खड़ी फसलों को चट कर रहे हैं, बल्कि अब वे बस्तियों में घुसकर सीधे इंसानों को निशाना बना रहे हैं।

वन विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल, मुआवजे की मांग

घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन और वन विभाग की टीम सापारुम गांव पहुँची। अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लिया और मृतक के परिजनों को ढांढस बंधाया। स्थानीय लोगों ने विभाग के प्रति भारी आक्रोश जताते हुए कहा कि हाथियों को खदेड़ने के लिए कोई स्थायी ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।

ग्रामीणों की मुख्य मांगें

हाथियों की लोकेशन ट्रैक करने के लिए वन विभाग की गश्त बढ़ाई जाए। प्रभावित गांवों में सोलर लाइट और हाथियों को भगाने के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं। मृतक के आश्रितों को अविलंब सरकारी प्रावधानों के तहत मुआवजा राशि प्रदान की जाए। वन विभाग के अधिकारियों ने आश्वस्त किया है कि कागजी प्रक्रिया पूरी होते ही पीड़ित परिवार को सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही, हाथी को वापस जंगल की ओर भेजने के लिए विशेषज्ञ टीम की मदद ली जा रही है। फिलहाल, ग्रामीणों को सतर्क रहने और अकेले जंगल की ओर न जाने की सलाह दी गई है।

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