CowGPT का कमाल, गाय पहनेंगी AI कॉलर!
भारत में डेयरी खेती अब तकनीक के दम पर नई दिशा में बढ़ रही है। नागपुर स्थित स्टार्टअप eVerse.AI ने किसानों के लिए CowGPT और AI आधारित स्मार्ट कॉलर विकसित किया है, जो गायों की सेहत पर 24 घंटे नजर रखता है। यह तकनीक बीमारी के शुरुआती संकेत पहचानने, सही समय पर प्रजनन (हीट साइकिल) की जानकारी देने और GPS की मदद से पशुओं की लोकेशन ट्रैक करने में सक्षम है। इससे दूध उत्पादन बढ़ाने के साथ किसानों की आय में भी इजाफा हो रहा है।
AI कॉलर गाय के शरीर का तापमान, गतिविधि, चलने-फिरने का पैटर्न और अन्य व्यवहार संबंधी आंकड़ों का लगातार विश्लेषण करता है। इससे बीमारी का पहले ही पता चल जाता है और समय पर इलाज संभव हो पाता है। तकनीक किसानों को हीट साइकिल की सटीक सूचना भी भेजती है, जिससे कृत्रिम गर्भाधान की सफलता बढ़ती है और दूध उत्पादन में उल्लेखनीय सुधार होता है। कई किसानों ने दावा किया है कि इससे प्रति पशु प्रतिदिन 2 से 3 लीटर तक अतिरिक्त दूध मिलने लगा है।
eVerse.AI केवल पशुओं की सेहत तक सीमित नहीं है, बल्कि मीथेन उत्सर्जन कम करने और कार्बन क्रेडिट के जरिए किसानों को अतिरिक्त आय दिलाने पर भी काम कर रही है। कंपनी अमूल, बनास डेयरी, मदर डेयरी, विश्व बैंक, टाटा ट्रस्ट्स और गेट्स फाउंडेशन जैसी संस्थाओं के साथ साझेदारी कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि AI, IoT और डेटा आधारित समाधान भारतीय डेयरी क्षेत्र को अधिक आधुनिक, टिकाऊ और लाभदायक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
