रांची उपायुक्त ने सुनी जनता की समस्या, आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई
सर्च न्यूज सच के साथ : रांची आज समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में जनता दरबार का आयोजन किया गया। जनता दरबार में जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में फरियादी अपनी समस्याओं को लेकर पहुंचे। भूमि विवाद, राशन, पेंशन, जाति प्रमाण पत्र, पीएम आवास, दाखिल-खारिज जैसी जनसमस्याओं के अलावा शिक्षा, स्वास्थ्य और प्रशासनिक कार्यों से जुड़ी कई महत्वपूर्ण शिकायतें फरियादियों द्वारा दर्ज करायी गईं।
इसी प्रकार मांडर अंचल की गीता देवी द्वारा फर्जी वंशावली और कागजात के आधार पर जमीन के निबंधन और म्यूटेशन की शिकायत पर गंभीर रुख अपनाते हुए मांडर अंचल अधिकारी को शो कॉज नोटिस जारी किया। पूर्व में जनता दरबार में प्राप्त शिकायत पर मांडर अंचल अधिकारी को म्यूटेशन नहीं करने का निर्देश दिया गया था। बुंडू निवासी वरुण कुमार महतो ने शिक्षा के अधिकार के तहत चयनित होने के बावजूद विद्यालय द्वारा नामांकन नहीं लिए जाने की शिकायत जनता दरबार में की।
इस पर जिला शिक्षा अधीक्षक को जांच कर कार्रवाई सुनिश्चित करने और विद्यालय प्रबंधन को उपस्थित होने का निर्देश दिया।सुजीत कश्यप और जॉर्ज कच्छप ने एक एकड़ 30 डिसमिल जमीन पर असामाजिक तत्वों द्वारा कब्जा करने की शिकायत की। जिसपर वरीय पुलिस अधीक्षक और अनुमंडल पदाधिकारी, सदर को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिए गए। जयप्रकाश साहू ने अपर बाजार स्थित अपनी संपत्ति से किरायेदार को हटाने की मांग रखी, जिस पर एसडीएम को आवश्यक कार्रवाई करने को कहा।डिस्लेक्सिया से पीड़ित बच्चों की देखभाल के लिए खलारी में पढ़ानेवाली शिक्षिका श्रीमती रजनी प्रिया ने अपने स्थानांतरण का आग्रह किया।
जिसपर मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए प्रतिनियुक्ति आदेश जारी करने का आश्वासन दिया गया, जिस पर शिक्षिका एवं उनके पति ने आभार व्यक्त किया। इसी प्रकार कैंसर पीड़ित पति की देखभाल हेतु गुमला से रांची स्थानांतरण की मांग करने वाली एक अन्य शिक्षिका को भी जल्द राहत देने का भरोसा दिया गया।जनता दरबार में मौजूद अधिकारियों को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि जन समस्याओं के समाधान में कोताही या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सभी अंचल अधिकारी, बीडीओ और विभागीय पदाधिकारी आमजन से सीधा संवाद स्थापित करें, फील्ड विजिट करें और समस्याओं का निष्पादन प्राथमिकता से करें। “तेजी और संवेदनशीलता से जनसमस्याओं का समाधान ही प्रशासन की प्राथमिकता है।”
