May 16, 2026

Education Ministry Announces Fresh NEET (UG) 2026 Exam on June 21 with Full Transparency Measures-शिक्षा मंत्रालय ने पूरी पारदर्शिता के साथ 21 जून को नए सिरे से NEET (UG) 2026 परीक्षा की घोषणा की

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने देशभर के लाखों मेडिकल अभ्यर्थियों के लिए बड़ी घोषणा करते हुए कहा है कि NEET (UG) 2026 की पुनर्परीक्षा आगामी 21 जून को आयोजित की जाएगी। यह निर्णय उस समय लिया गया जब 3 जून को आयोजित परीक्षा पेपर लीक के आरोपों के कारण विवादों में घिर गई थी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी तथा निष्पक्ष बनाया जाएगा।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan ने नई दिल्ली में मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि विद्यार्थियों का हित सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों की भावनाओं और उनकी मेहनत के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस बार परीक्षा व्यवस्था में विशेष सतर्कता बरती जाएगी ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता की पुनरावृत्ति न हो सके।

शिक्षा मंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी यानी National Testing Agency ने आधिकारिक रूप से 21 जून को पुनर्परीक्षा की तिथि घोषित कर दी है। उन्होंने कहा कि परीक्षा में शामिल होने वाले सभी अभ्यर्थियों को अगले महीने की 14 तारीख तक एडमिट कार्ड जारी कर दिए जाएंगे। इसके साथ ही छात्रों और अभिभावकों से अपील की गई है कि वे केवल एनटीए के आधिकारिक माध्यमों से प्राप्त सूचनाओं पर ही विश्वास करें और किसी भी अफवाह से बचें।

पेपर लीक के आरोपों के बाद पूरे देश में छात्रों और अभिभावकों के बीच चिंता का माहौल बन गया था। कई छात्रों ने आरोप लगाया था कि परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र बाहर आ गया था, जिससे ईमानदारी से तैयारी करने वाले छात्रों के साथ अन्याय हुआ। मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया और जांच की जिम्मेदारी Central Bureau of Investigation को सौंप दी गई। वर्तमान में सीबीआई इस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और दोषियों की पहचान की जा रही है।

धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि सरकार नहीं चाहती कि शिक्षा माफिया या फर्जी अभ्यर्थियों की साजिशों के कारण किसी योग्य छात्र का भविष्य प्रभावित हो। उन्होंने कहा कि मेहनत और ईमानदारी से पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को न्याय दिलाना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि एनटीए की वर्तमान व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता है और परीक्षा प्रणाली को और अधिक मजबूत तथा सुरक्षित बनाने के लिए कई ठोस कदम उठाए जाएंगे।

इस अवसर पर शिक्षा मंत्री ने एक और महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने बताया कि अगले वर्ष से NEET UG परीक्षा पारंपरिक OMR आधारित प्रणाली के स्थान पर पूरी तरह Computer-Based Test (CBT) मोड में आयोजित की जाएगी। सरकार का मानना है कि डिजिटल परीक्षा प्रणाली अपनाने से पेपर लीक जैसी घटनाओं पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकेगा और परीक्षा प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी।

विशेषज्ञों के अनुसार CBT मोड लागू होने से परीक्षा संचालन में कई सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे। इससे प्रश्नपत्रों की सुरक्षा मजबूत होगी, परीक्षा केंद्रों पर निगरानी आसान होगी और परिणाम जारी करने की प्रक्रिया भी तेज एवं अधिक सटीक बनेगी। हालांकि ग्रामीण क्षेत्रों के कुछ छात्रों ने यह चिंता भी व्यक्त की है कि कंप्यूटर आधारित परीक्षा के लिए पर्याप्त तकनीकी प्रशिक्षण और सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए ताकि किसी छात्र को तकनीकी कारणों से नुकसान न उठाना पड़े।

NEET UG देश की सबसे महत्वपूर्ण मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में से एक है। इसके माध्यम से MBBS, BDS और अन्य मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश दिया जाता है। हर वर्ष लाखों छात्र इस परीक्षा में शामिल होते हैं और इसके परिणाम पर उनका भविष्य निर्भर करता है। ऐसे में परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी छात्रों के मनोबल को प्रभावित करती है।

इस बार परीक्षा रद्द होने के बाद छात्रों में मिश्रित प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ छात्रों ने पुनर्परीक्षा के निर्णय का स्वागत किया और कहा कि इससे योग्य छात्रों को न्याय मिलेगा। वहीं कुछ छात्रों ने दोबारा परीक्षा देने को मानसिक दबाव और अतिरिक्त चुनौती बताया। कई अभिभावकों ने सरकार से मांग की कि परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को और मजबूत किया जाए।

सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि भविष्य में परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए विशेषज्ञ समिति गठित की जा सकती है। यह समिति परीक्षा संचालन, प्रश्नपत्र सुरक्षा, डिजिटल निगरानी और तकनीकी सुधारों पर सुझाव देगी। शिक्षा मंत्रालय का उद्देश्य ऐसी व्यवस्था तैयार करना है जिसमें किसी भी प्रकार की धांधली की संभावना न्यूनतम हो।

एनटीए ने सोशल मीडिया के माध्यम से छात्रों और अभिभावकों को सलाह दी है कि वे किसी भी भ्रामक सूचना, फर्जी वेबसाइट या अफवाहों से सावधान रहें। एजेंसी ने कहा कि परीक्षा से संबंधित सभी आधिकारिक जानकारी केवल उसकी आधिकारिक वेबसाइट और प्रमाणित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराई जाएगी।

देशभर में इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक और सामाजिक चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। विपक्षी दलों ने परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग की है, जबकि सरकार ने भरोसा दिलाया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। शिक्षा मंत्री ने कहा कि यह केवल एक परीक्षा का मामला नहीं बल्कि देश के युवाओं के भविष्य और विश्वास से जुड़ा विषय है।

अब सभी की नजरें 21 जून को होने वाली पुनर्परीक्षा पर टिकी हुई हैं। लाखों छात्र एक बार फिर अपनी तैयारी में जुट गए हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि इस बार परीक्षा निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से आयोजित होगी। सरकार और एनटीए के सामने सबसे बड़ी चुनौती छात्रों का विश्वास दोबारा जीतने की है। यदि परीक्षा पूरी पारदर्शिता और सुरक्षा के साथ संपन्न होती है, तो यह देश की परीक्षा प्रणाली में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।

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