May 16, 2026

कोयले से बनेगी नई ऊर्जा शक्ति, केंद्र सरकार की ₹37,500 करोड़ की मेगा योजना को मंजूरी

image-12

Signature: B9gIqxTw03mW8yd3Ikk1kPQPKma+aQfnFvyOlLZ7sVIcxwLoBkVS8RGuiOxleFDw7CkzQhC96Ksa8g2MFxYZsZWWtTCUXnLFYJFPuMyhsQDV+9x7WvYas0QfZCJqZqlRaNGvV+Jz8yZD8l257uxdqX2JF0ADHqPALjzylv3OQTXI7b9vHYKWmMQ0ch5mLisyVJKvwVgzzOhx1EOZTFlMtocMpLgdCoGh7eTyKVGAiRzljLfOHnZzppz8ZKO95BQGCerxEFpMv3uCMNbQ8Vgky+vYXynotH5HLx0DoUHlcP0rfr/X4i5St0yZPLb0TAFAEvrAl8Pmmx/hDwx320tV+a9YzjxCps0QJ4NT69n8dyP8bYXHQdFaKHZNfZMPdSADrsv2bVF4A1IVJ79YnYH3gPLBs0p1khaQk+KCJ5Aq7GL/aVJTmx8gggkvCMPh8VKN+/mlqmcqyqVuROLzNrFozmliw8lov5CSyfeOTqT7wG6Qnmf3qykJKz0sKvEoIV4W/PNKojYkMhUSGuJgBLkfPh7TMNFQdU4j8wJgZWJHkzm/Tm4youifK4XaEg6DAHALZ8EROCRpw2h/NzWRO+LApGYcEev2BXIIt7TOCElsnqjIbEpXAmr+3VLDmZImRcOFRYq2XfIZypJjaNySXmqrT4QR7NvcXI8WXhfh8nE9NtEa9AdCcR0/qLS7Ot5LOrWudyTmqAf3v7ZRuE/ya9Takck53N9cc32a2gRMnnHKUDU4Dvmj2IIpOJtwo6NpwG1Gvnbt4vgZ0XMIOvgCtt5EqJHYsr8sdVmR6vsYTGOPEwnAucx9wUV10Cn8bnymjrHO27FZHhpyK3iqASruOfEp5HXWdDuSKWcVdXPUTFkDvXjK+ryiJn6G6jGNDVUzTXhKKV1QCddP0PEFDC4Z4ICXP0uPB5yBg6MrA2kiKZRI6WkmgoAJCb4Wn70dxuw+jehxMIJHY20JbfXKHOdP752KciIxQClG5kaJpguOHZwkRr0=

प्रधानमंत्री Narendra Modi की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश में Surface Coal/Lignite Gasification Projects को बढ़ावा देने के लिए ₹37,500 करोड़ की बड़ी योजना को मंजूरी दे दी है। इस योजना का उद्देश्य भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना, आयात पर निर्भरता कम करना और युवाओं के लिए नए रोजगार अवसर पैदा करना है।

सरकार के अनुसार, इस योजना के तहत कोयला और लिग्नाइट को गैस में बदलकर “सिनगैस” (Syngas) तैयार किया जाएगा, जिसका उपयोग बिजली उत्पादन, उर्वरक, पेट्रोकेमिकल और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में किया जाएगा। इससे LNG, यूरिया, अमोनिया और मेथेनॉल जैसे आयातित उत्पादों पर निर्भरता घटेगी।

इस मेगा योजना के अंतर्गत लगभग 75 मिलियन टन कोयले और लिग्नाइट के गैसीकरण का लक्ष्य रखा गया है। सरकार परियोजनाओं को प्रोत्साहन देने के लिए प्लांट और मशीनरी लागत का अधिकतम 20% तक वित्तीय सहायता भी देगी। परियोजनाओं का चयन पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस फैसले को देश की टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और औद्योगिक विकास के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया। सरकार का मानना है कि यह योजना भारत को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ भारी निवेश आकर्षित करेगी और आने वाले वर्षों में लाखों रोजगार अवसर पैदा कर सकती है।

You may have missed