June 12, 2026

‘एग्जाम घोटालों’ पर देशव्यापी बिगुल, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग तेज

PTI06_11_2026_000036B

देश में लगातार सामने आ रहे परीक्षा विवादों और कथित अनियमितताओं के खिलाफ अब आंदोलन राष्ट्रीय स्तर पर पहुंच गया है। छात्रों के भविष्य से जुड़े सवालों को लेकर शुरू हुई नाराजगी अब सड़कों पर उतरने की तैयारी में है। इसी कड़ी में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए अपना शिक्षा घोषणापत्र जारी करने का ऐलान किया है।

पुणे से शुरू हो रहे इस अभियान को पार्टी देशव्यापी आंदोलन का रूप देने की तैयारी में है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने कहा कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए व्यापक सुधारों की जरूरत है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी दोहराई।

इस आंदोलन को और चर्चा में इसलिए भी माना जा रहा है क्योंकि प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारों के समर्थक सोनम वांगचुक भी इसमें शामिल होने वाले हैं। पुणे स्थित सावित्रीबाई फुले विश्वविद्यालय परिसर में होने वाले शांतिपूर्ण प्रदर्शन से आंदोलन की औपचारिक शुरुआत होगी।

पार्टी का दावा है कि हाल के वर्षों में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर उठे सवालों ने लाखों छात्रों और अभिभावकों का भरोसा कमजोर किया है। ऐसे में शिक्षा व्यवस्था को राजनीतिक बहस का नहीं, बल्कि राष्ट्रीय प्राथमिकता का विषय बनाया जाना चाहिए।

पुणे के बाद यह अभियान जयपुर, लखनऊ, अमृतसर और बेंगलुरु समेत कई बड़े शहरों तक पहुंचाया जाएगा। आंदोलन के जरिए छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों को जोड़कर शिक्षा सुधारों पर राष्ट्रीय बहस छेड़ने की योजना बनाई गई है।

अब देखना दिलचस्प होगा कि यह आंदोलन केवल विरोध तक सीमित रहता है या फिर शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की मांग को लेकर देशभर में एक बड़े जन-अभियान का रूप लेता है। फिलहाल एक बात साफ है—परीक्षाओं की निष्पक्षता और छात्रों के भविष्य का मुद्दा आने वाले दिनों में राजनीति और जनचर्चा के केंद्र में रहने वाला है।

You may have missed