‘कुपोषण और लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं!’ डीसी राजीव रंजन का सख्त संदेश, स्वास्थ्य विभाग को दिया अल्टीमेटम
जमशेदपुर: जिले में बच्चों के स्वास्थ्य, टीकाकरण और कुपोषण को लेकर प्रशासन अब पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है। स्वास्थ्य विभाग की मासिक समीक्षा बैठक में उपायुक्त राजीव रंजन ने साफ शब्दों में कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि काम में कोताही बरतने वाले स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में सबसे ज्यादा जोर उन बच्चों तक पहुंचने पर दिया गया जो किसी कारणवश नियमित टीकाकरण से छूट गए हैं। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि ऐसे बच्चों की पहचान कर उन्हें जल्द से जल्द टीकाकरण कार्यक्रम से जोड़ा जाए, ताकि कोई भी बच्चा स्वास्थ्य सुरक्षा से वंचित न रहे।
कुपोषण के मुद्दे पर भी प्रशासन ने गंभीर रुख अपनाया। डीसी ने स्वास्थ्य विभाग और आईसीडीएस के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने का निर्देश देते हुए कहा कि कुपोषित बच्चों की पहचान, रेफरल और उपचार की प्रक्रिया को और प्रभावी बनाया जाए। उन्होंने कुपोषण उपचार केंद्रों (MTC) की क्षमता और उपयोगिता बढ़ाने पर भी जोर दिया।
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य योजनाओं की निगरानी मजबूत करने, जागरूकता अभियान तेज करने और जमीनी स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
जिला प्रशासन का यह सख्त रुख संकेत देता है कि अब स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, बच्चों के पोषण और टीकाकरण कार्यक्रमों को लेकर किसी तरह की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। आने वाले दिनों में स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली और जमीनी स्तर पर योजनाओं के असर पर प्रशासन की नजर और भी पैनी रहने वाली है।
