सर्च न्यूज: सच के साथ: NEET पेपर लीक मामले में CBI की जांच से एक बड़ा खुलासा हुआ है। महाराष्ट्र के लातूर में चर्चित RCC कोचिंग सेंटर के संचालक, शिवराज मोटेगावकर (जिन्हें ‘M सर’ के नाम से भी जाना जाता है), को इस मामले में मुख्य आरोपी के रूप में गिरफ्तार किया गया है। जांच में सामने आया है कि कभी साइकिल से ट्यूशन पढ़ाने जाने वाला एक साधारण पार्ट-टाइम टीचर, आज 1500 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति का मालिक बन चुका है।
CBI के अनुसार, शिवराज मोटेगावकर का नाम NEET-UG पेपर लीक के तार जोड़ने वाली कड़ियों में प्रमुखता से उभरा है। उन पर आरोप है कि उन्होंने अपने रसूख और नेटवर्क का इस्तेमाल कर परीक्षा की गोपनीयता भंग की। जांच एजेंसी ने उन्हें पुणे से हिरासत में लिया और फिलहाल वे 9 दिनों की CBI कस्टडी में हैं, जहाँ उनसे पेपर लीक के वित्तीय लेन-देन और गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में पूछताछ की जा रही है। इस मामले ने शिक्षा जगत और छात्रों के बीच भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। शिवराज की फर्श से अर्श तक की कहानी, जिसमें उन्होंने लातूर में एक विशाल कोचिंग साम्राज्य खड़ा किया, अब संदेह के घेरे में है। अधिकारियों का मानना है कि कोचिंग संस्थानों की आड़ में बड़े पैमाने पर पेपर लीक और सीटों की खरीद-फरोख्त का काला कारोबार चलाया जा रहा था, जिससे मेधावी छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ।
CBI अब शिवराज के बैंक खातों, संपत्तियों और उनके संपर्क में रहे रसूखदार लोगों की जांच कर रही है। एजेंसी का लक्ष्य उस पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करना है जिसने मेडिकल प्रवेश परीक्षा जैसे महत्वपूर्ण एग्जाम की पवित्रता को नुकसान पहुँचाया है। आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े नामों के खुलासे होने की संभावना है।