G-7 मंच पर ट्रंप के सामने मोदी का बड़ा संदेश! बोले- भारतीय नाविकों की जान गई, दुनिया में भरोसे का संकट सबसे बड़ा खतरा
16 महीने बाद आमने-सामने आए मोदी और ट्रंप, लेकिन भारत के प्रधानमंत्री ने दुनिया को दी कड़ी चेतावनी
आउटरीच सेशन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने उन भारतीय नाविकों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया, जिन्होंने हाल के समुद्री संकटों और संघर्षों के दौरान अपनी जान गंवाई। उन्होंने कहा कि समुद्री मार्ग केवल व्यापार की धमनियां नहीं हैं, बल्कि लाखों परिवारों की आजीविका और वैश्विक अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। ऐसे में नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना पूरी दुनिया की सामूहिक जिम्मेदारी है।
प्रधानमंत्री मोदी का सबसे महत्वपूर्ण संदेश वैश्विक विश्वास (Global Trust) को लेकर था। उन्होंने कहा कि पिछली सदी में मानवता ने दो विश्व युद्धों की भयावहता देखी। करोड़ों लोगों के बलिदान और दशकों की मेहनत के बाद दुनिया ने शांति, स्थिरता और सहयोग पर आधारित संस्थाएं और व्यवस्थाएं खड़ी कीं। लेकिन आज वही विश्वास लगातार कमजोर होता दिखाई दे रहा है।
उन्होंने बिना किसी देश का नाम लिए संकेतों में कहा कि अंतरराष्ट्रीय नियमों, समझौतों और संस्थाओं पर भरोसा कम होना पूरी दुनिया के लिए खतरे की घंटी है। यदि देशों के बीच विश्वास कमजोर होता है, तो संघर्ष बढ़ेंगे, व्यापार प्रभावित होगा और वैश्विक स्थिरता को गंभीर नुकसान पहुंचेगा।
G-7 के इस मंच पर प्रधानमंत्री मोदी का यह बयान ऐसे समय आया है, जब दुनिया कई मोर्चों पर तनाव का सामना कर रही है। समुद्री व्यापार मार्गों पर सुरक्षा चुनौतियां, क्षेत्रीय संघर्ष, ऊर्जा संकट और भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा ने वैश्विक चिंता बढ़ा दी है। ऐसे माहौल में भारत ने स्पष्ट संदेश दिया कि शांति और सहयोग ही आगे बढ़ने का रास्ता है।
मोदी और ट्रंप की मुलाकात भी चर्चा का विषय रही। दोनों नेताओं के बीच व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा, तकनीकी सहयोग और रणनीतिक साझेदारी जैसे कई अहम मुद्दों पर बातचीत की संभावना जताई जा रही है। हालांकि G-7 मंच पर मोदी के संबोधन का केंद्र बिंदु वैश्विक विश्वास और मानव सुरक्षा ही रहा।क्या
क्यों अहम है यह बयान?
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी का यह संदेश केवल नाविकों की सुरक्षा तक सीमित नहीं था। यह मौजूदा वैश्विक व्यवस्था, बढ़ते संघर्षों और देशों के बीच घटते विश्वास को लेकर भारत की व्यापक चिंता का संकेत भी है। ऐसे समय में जब दुनिया कई संकटों से जूझ रही है, भारत ने G-7 के मंच से संवाद, सहयोग और विश्वास को सबसे बड़ा समाधान बताया है।
बड़ी बात
G-7 के मंच पर ट्रंप के ठीक बगल में बैठे प्रधानमंत्री मोदी ने दुनिया को यह संदेश दिया कि आर्थिक ताकत और सैन्य शक्ति से भी अधिक महत्वपूर्ण है देशों के बीच विश्वास। और यदि यह भरोसा टूटता है, तो उसका असर पूरी मानवता को भुगतना पड़ सकता है।
