गिरता रुपया, बढ़ता संघर्ष… लंदन में भारतीय छात्र की कहानी ने छुआ लोगों का दिल
नई दिल्ली/लंदन: “मैंने 10 किलो वजन कम कर लिया…” — यह सिर्फ एक लाइन नहीं, बल्कि विदेश में पढ़ाई कर रहे हजारों भारतीय छात्रों की सच्चाई बनती जा रही है। लंदन में पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्र दिव्यम शर्मा की कहानी सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में है, जिसमें उन्होंने गिरते रुपये और विदेश में बढ़ते खर्चों के बीच अपने संघर्ष को खुलकर बयान किया है।
उन्होंने खुलासा किया कि कॉलेज फीस भरने के बाद उन्हें अपने खर्चों में भारी कटौती करनी पड़ी। कभी पब में दोस्तों के साथ जाना छोड़ा, तो कभी महंगे ट्रांसपोर्ट की जगह घंटों बसों में सफर किया ताकि कुछ पैसे बच सकें। कई बार सिर्फ सस्ते “मील डील” और चॉकलेट बार के सहारे दिन निकालने पड़े।
दिव्यम फिलहाल लंदन के किंग्स कॉलेज में पढ़ाई कर रहे हैं। पढ़ाई के साथ उन्होंने पार्ट-टाइम जॉब भी शुरू की — कभी स्टेडियम में ड्रिंक्स सर्व करना, तो कभी रेस्टोरेंट में काम करना। उनका कहना है कि विदेश में जिंदगी बाहर से जितनी चमकदार दिखती है, अंदर से उतनी ही कठिन होती है।
उन्होंने लिखा कि गिरता रुपया सिर्फ एक आर्थिक आंकड़ा नहीं है, बल्कि यह छात्रों के मानसिक तनाव, रोजमर्रा के फैसलों और जीवनशैली को सीधे प्रभावित करता है। उनकी कहानी ने उन लाखों भारतीय छात्रों की मुश्किलों को सामने ला दिया है, जो बेहतर शिक्षा के सपने लेकर विदेश तो जाते हैं, लेकिन वहां हर दिन बजट और संघर्ष के बीच जीते हैं।
दिव्यम की यह भावुक कहानी अब इंटरनेट पर लोगों को सोचने पर मजबूर कर रही है कि विदेश में पढ़ाई का सपना जितना बड़ा होता है, उसकी कीमत भी उतनी ही भारी होती है।
