कर्नाटक में ‘हिजाब बनाम भगवा शॉल’ विवाद फिर गरमाया, कॉलेज कैंपस में बढ़ा तनाव
बेंगलुरु: कर्नाटक में हिजाब को लेकर राजनीति एक बार फिर गर्म हो गई है। राज्य सरकार द्वारा स्कूल और कॉलेजों में धार्मिक प्रतीकों, जिसमें हिजाब भी शामिल है, की अनुमति देने के फैसले के बाद कई हिंदू संगठनों ने अब “भगवा शॉल अभियान” शुरू कर दिया है।
हिंदू संगठनों का कहना है कि सरकार का फैसला “तुष्टिकरण की राजनीति” को बढ़ावा देता है और इससे कॉलेज कैंपस में धार्मिक विभाजन फिर बढ़ सकता है। वहीं दूसरी ओर, सरकार समर्थक लोग इसे धार्मिक स्वतंत्रता और व्यक्तिगत अधिकारों से जोड़कर देख रहे हैं।
राजनीतिक गलियारों में भी इस मुद्दे ने हलचल बढ़ा दी है। विपक्ष और सत्तापक्ष दोनों अपने-अपने तरीके से इसे जनता के बीच बड़ा मुद्दा बनाने में जुटे हैं। आने वाले दिनों में राज्य के कई शिक्षण संस्थानों में यह विवाद और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
फिलहाल, कर्नाटक में “हिजाब बनाम भगवा शॉल” की बहस सिर्फ शिक्षा तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि अब यह राजनीतिक और सामाजिक टकराव का बड़ा प्रतीक बनती दिख रही है।
