June 23, 2026

गोवा खनन घोटाले में ED का बड़ा शिकंजा

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गोवा के बहुचर्चित अवैध लौह अयस्क खनन मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 1,023 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां अटैच कर दी हैं। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत की गई है। जांच एजेंसी के अनुसार, मामला सलगांवकर समूह और उससे जुड़ी कई कंपनियों से संबंधित है, जिन पर अवैध खनन और उससे अर्जित आय को छिपाने के आरोप हैं।

ED के मुताबिक, जिन संपत्तियों को अटैच किया गया है वे दिवंगत अनिल वासुदेव सलगांवकर की संपत्ति और समूह से जुड़ी विभिन्न कंपनियों के नाम पर दर्ज हैं। एजेंसी ने अपनी जांच गोवा सीआईडी क्राइम ब्रांच द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने 2014 और 2018 के अपने फैसलों में 22 नवंबर 2007 के बाद गोवा में किए गए सभी खनन कार्यों को अवैध करार दिया था।

जांच में ED ने दावा किया है कि इस पूरे मामले में अपराध से अर्जित आय (Proceeds of Crime) लगभग 5,237.84 करोड़ रुपये तक पहुंचती है। आरोप है कि समूह से जुड़ी कंपनियों ने 2007 से 2012 के बीच 10 खनन पट्टों से अवैध रूप से लौह अयस्क का उत्खनन किया और इससे करीब 2,492.95 करोड़ रुपये की कमाई की। इसके अलावा, विदेशी शेल कंपनियों को कम कीमत पर अयस्क बेचकर लगभग 2,744 करोड़ रुपये का अतिरिक्त अवैध लाभ हासिल करने का भी आरोप लगाया गया है।

यह कार्रवाई देश में आर्थिक अपराधों और अवैध खनन के खिलाफ चल रही सख्त कार्रवाई का एक बड़ा उदाहरण मानी जा रही है। ED का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और आगे और खुलासे होने की संभावना है। इस बीच, इतनी बड़ी राशि की संपत्तियों की जब्ती ने खनन उद्योग और कारोबारी जगत में हलचल पैदा कर दी है।