यूपी बनेगा डेटा सेंटर सुपरपावर, निवेश का बड़ा दांव
उत्तर प्रदेश अब देश के डिजिटल भविष्य का बड़ा केंद्र बनने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है। राज्य सरकार ने ऊर्जा-आधारित डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में करीब ₹4.9 लाख करोड़ के निजी निवेश को आकर्षित करने का लक्ष्य रखा है। इस महत्वाकांक्षी योजना के जरिए यूपी भारत की कुल डेटा सेंटर क्षमता में 8 से 9 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल करना चाहता है, जिससे राज्य तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के क्षेत्र में नई पहचान बना सके।
राज्य सरकार ने वर्ष 2030 तक 2 गीगावाट से अधिक अतिरिक्त डेटा सेंटर क्षमता विकसित करने का लक्ष्य तय किया है। डेटा सेंटर न केवल क्लाउड सेवाओं, डिजिटल भुगतान और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की रीढ़ हैं, बल्कि AI, मशीन लर्निंग और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग जैसी उभरती तकनीकों के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं। इसी वजह से सरकार हरित ऊर्जा आधारित और टिकाऊ डिजिटल ढांचे पर विशेष जोर दे रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह योजना सफल होती है तो उत्तर प्रदेश देश के सबसे बड़े डेटा सेंटर हब्स में शामिल हो सकता है। इससे हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होंगे, तकनीकी निवेश को बढ़ावा मिलेगा और राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। डिजिटल इंडिया के अगले चरण में यूपी की यह महत्वाकांक्षी पहल पूरे देश के तकनीकी परिदृश्य को प्रभावित कर सकती है।
