ममता को अपनी ही पार्टी से चुनौती, TMC में बड़ा बवाल
पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर सियासी घमासान ने नया मोड़ ले लिया है। पार्टी के बागी गुट ने एक बड़ा कदम उठाते हुए वरिष्ठ विधायक अरूप रॉय को “वास्तविक तृणमूल कांग्रेस” का अध्यक्ष घोषित कर दिया है। इस फैसले को सीधे तौर पर पार्टी संस्थापक और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व को चुनौती के रूप में देखा जा रहा है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब विधानसभा चुनाव में हार के बाद TMC लगातार आंतरिक असंतोष और नेताओं की बगावत का सामना कर रही है। हाल के महीनों में पार्टी के कई विधायक और सांसद नेतृत्व को लेकर खुले तौर पर सवाल उठा चुके हैं। ऐसे में अरूप रॉय की नियुक्ति और समानांतर संगठन की घोषणा ने संकट को और गहरा कर दिया है।
साल 1998 में ममता बनर्जी द्वारा स्थापित तृणमूल कांग्रेस लगभग तीन दशकों से उनके नेतृत्व और राजनीतिक पहचान के इर्द-गिर्द खड़ी रही है। लेकिन मौजूदा बगावत को पार्टी के इतिहास की सबसे बड़ी आंतरिक चुनौतियों में से एक माना जा रहा है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि ममता बनर्जी और आधिकारिक TMC नेतृत्व इस चुनौती का जवाब किस तरह देता है और आने वाले दिनों में पार्टी की एकजुटता पर इसका क्या असर पड़ता है।
