June 23, 2026

‘काफिर’ टिप्पणी पर घिरे मंत्री, सियासत हुई गरम

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मध्य प्रदेश के नगरीय विकास मंत्री Kailash Vijayvargiya एक बार फिर अपने बयान को लेकर राजनीतिक विवादों के केंद्र में आ गए हैं। इंदौर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने ‘काफिर’ शब्द का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि कुछ लोग उन्हें काफिर मानते हैं, तो उन्हें उन सड़कों पर नहीं चलना चाहिए जो सरकार बनवा रही है और न ही सरकारी योजनाओं का लाभ लेना चाहिए। उनके इस बयान के सामने आते ही प्रदेश की राजनीति में तीखी बहस छिड़ गई।

विजयवर्गीय ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि भाजपा सरकार किसी भी समुदाय के साथ भेदभाव नहीं करती और उसकी नीति “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास” पर आधारित है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार जनता की सेवा के लिए प्रतिबद्ध है और विकास कार्य वोट या राजनीतिक समर्थन के आधार पर नहीं रुकेंगे। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने वार्ड 1 और 5 के लिए 2.39 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की घोषणा भी की।

विपक्ष ने मंत्री के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष Umang Singhar ने इसे संवैधानिक मूल्यों और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ बताया। उनका कहना है कि सड़कें और अन्य सार्वजनिक सुविधाएं जनता के कर के पैसे से बनती हैं, इसलिए उन्हें किसी धर्म या समुदाय से जोड़ना उचित नहीं है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि इस तरह की भाषा समाज में विभाजन पैदा करती है और सरकार के समावेशी विकास के दावों पर सवाल खड़े करती है।

यह पहली बार नहीं है जब विजयवर्गीय अपने बयानों को लेकर विवादों में आए हों। पिछले कुछ वर्षों में महिलाओं के पहनावे और अन्य राजनीतिक मुद्दों पर उनकी टिप्पणियां भी चर्चा और आलोचना का विषय रही हैं। ताजा विवाद ने एक बार फिर राजनीतिक बयानबाजी की सीमाओं और सार्वजनिक पदों पर बैठे नेताओं की जिम्मेदारियों को लेकर बहस को तेज कर दिया है।