June 23, 2026

कच्छ से बदलेगी भारत की ऊर्जा तस्वीर, बड़ा ऐलान

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रिलायंस इंडस्ट्रीज ने देश के स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में एक महत्वाकांक्षी कदम उठाते हुए गुजरात के कच्छ क्षेत्र में दुनिया के सबसे बड़े एकीकृत नवीकरणीय ऊर्जा हब में से एक विकसित करने की योजना का खुलासा किया है। कंपनी की 49वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) में कार्यकारी निदेशक अनंत अंबानी ने बताया कि यह परियोजना हर साल 40 अरब यूनिट से अधिक हरित बिजली पैदा करेगी, जो भारत की मौजूदा कुल बिजली मांग का लगभग 3 प्रतिशत हिस्सा पूरा करने में सक्षम होगी।

अनंत अंबानी के अनुसार, कच्छ के शुष्क इलाके में करीब 5.5 लाख एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जा रहा यह विशाल ऊर्जा केंद्र केवल बिजली उत्पादन तक सीमित नहीं होगा, बल्कि आधुनिक ऊर्जा भंडारण तकनीकों से भी लैस रहेगा। सौर ऊर्जा उत्पादन को बड़े पैमाने की बैटरी स्टोरेज प्रणालियों के साथ जोड़ा जाएगा, जिससे दिन-रात लगातार बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी।

कंपनी का दावा है कि यह परियोजना भारत के ऊर्जा परिवर्तन अभियान को नई गति देगी और जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता कम करने में मदद करेगी। बढ़ती बिजली मांग और कार्बन उत्सर्जन को नियंत्रित करने की चुनौतियों के बीच यह परियोजना देश की हरित ऊर्जा क्षमता को मजबूत करने वाली महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी क्षमता वाला ऊर्जा हब वैश्विक स्तर पर भी भारत की स्थिति को मजबूत करेगा।

रिलायंस का यह दांव ऐसे समय में सामने आया है जब भारत वर्ष 2070 तक नेट-जीरो उत्सर्जन का लक्ष्य हासिल करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। यदि परियोजना अपने निर्धारित लक्ष्यों तक पहुंचती है, तो कच्छ न केवल देश का सबसे बड़ा हरित ऊर्जा केंद्र बनेगा, बल्कि भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता और स्वच्छ भविष्य की नई पहचान भी बन सकता है।