June 23, 2026

20 साल बाद शिकंजा, SBI घोटाले के दो फरार आरोपी गिरफ्तार

CBI

करीब दो दशक तक कानून की आंखों में धूल झोंकने वाले दो वांछित आरोपियों को आखिरकार सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया है। झारखंड के धनबाद स्थित भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की मुख्य शाखा से 1.25 करोड़ रुपये से अधिक की कथित हेराफेरी के मामले में फरार चल रहे बृजभूषण प्रसाद और करतार सिंह को एक विशेष अभियान के तहत दबोचा गया। दोनों आरोपी वर्ष 2005 से जांच एजेंसियों की पकड़ से बाहर थे।

सीबीआई के अनुसार, यह घोटाला वर्ष 2002 से 2005 के बीच हुआ था, जब बैंकिंग प्रणाली में कथित हेरफेर कर बड़ी रकम का गबन किया गया। मामला 31 अगस्त 2005 को दर्ज किया गया था। जांच शुरू होते ही दोनों आरोपी नेपाल भाग गए और बाद में भारत लौटकर अलग-अलग राज्यों में फर्जी पहचान के साथ रह रहे थे। अदालत ने उन्हें पहले ही घोषित अपराधी घोषित कर दिया था और उनकी गिरफ्तारी के लिए रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किया गया था।

मामले में बड़ा मोड़ तब आया जब सीबीआई की आर्थिक अपराध और खुफिया इकाइयों ने तकनीकी निगरानी, डिजिटल ट्रैकिंग और स्थानीय स्तर पर जुटाई गई सूचनाओं के आधार पर दोनों की गतिविधियों का पता लगाया। 21 जून को महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के कोपरगांव से बृजभूषण प्रसाद और छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से करतार सिंह को एक साथ चलाए गए अभियान में गिरफ्तार कर लिया गया।

सीबीआई अधिकारियों का कहना है कि आर्थिक अपराधों में शामिल फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए एजेंसी लगातार प्रयासरत है, चाहे अपराध को कितने ही वर्ष क्यों न बीत गए हों। दोनों आरोपियों को ट्रांजिट कोर्ट में पेश किया जा रहा है, जहां से आगे की पूछताछ और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह गिरफ्तारी झारखंड में लंबे समय से लंबित वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में सीबीआई की बड़ी सफलता मानी जा रही है।