सरायकेला-खरसावां: जिले में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाने की दिशा में प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) को प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें स्वास्थ्य विभाग और संबंधित कर्मियों को योजना से जुड़ी जरूरी जानकारी दी गई|
प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य यह था कि गर्भवती महिलाओं और नवजात बच्चों तक सरकारी योजनाओं का लाभ सही समय पर पहुंचे और किसी भी पात्र लाभुक को योजना से वंचित न रहना पड़े। कार्यक्रम में अधिकारियों ने योजना के नियम, आवेदन प्रक्रिया, लाभ वितरण और डिजिटल मॉनिटरिंग जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की।
अधिकारियों ने कहा कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाना भी है। योजना के तहत गर्भवती महिलाओं को पोषण और स्वास्थ्य देखभाल के लिए आर्थिक सहयोग दिया जाता है, ताकि सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा मिल सके।
प्रशिक्षण के दौरान संबंधित कर्मियों को यह भी निर्देश दिया गया कि वे गांव-गांव जाकर लोगों को योजना के प्रति जागरूक करें और लाभुकों का समय पर पंजीकरण सुनिश्चित करें। अधिकारियों ने कहा कि जमीनी स्तर पर सही जानकारी पहुंचना बेहद जरूरी है, तभी योजनाओं का वास्तविक लाभ लोगों तक पहुंच पाएगा।
कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों ने स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि तकनीक के माध्यम से योजनाओं की मॉनिटरिंग को और मजबूत किया जा रहा है, ताकि लाभ वितरण प्रक्रिया में किसी तरह की गड़बड़ी न हो।
जिले में आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रशासन की उस कोशिश का हिस्सा माना जा रहा है, जिसके तहत मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी एवं मजबूत बनाया जा सके। आने वाले दिनों में इसका लाभ हजारों महिलाओं और बच्चों को मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।