सर्च न्यूज: सच के साथ: दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित इंडिया (INDIA) ब्लॉक की सातवीं बैठक में विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार के खिलाफ एक साझा रणनीति तैयार की है. इस अहम बैठक में करीब ढाई घंटे तक मंथन चला, जिसमें 25 राजनीतिक दलों के 34 शीर्ष नेताओं ने हिस्सा लिया. बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन 5 मुख्य मुद्दों की जानकारी दी, जिन पर सभी दलों के बीच पूर्ण सहमति बनी है.
चुनावी निष्पक्षता और सीजेआई को पत्र : बैठक में विपक्षी दलों ने देश की चुनावी प्रणाली की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर गंभीर चिंता व्यक्त की. मल्लिकार्जुन खड़गे ने आरोप लगाया कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के माध्यम से करोड़ों नागरिकों को उनके मताधिकार से वंचित करने का प्रयास किया जा रहा है. इस ‘वोट लूट’ और चुनावी विसंगतियों के खिलाफ इंडिया ब्लॉक के सभी घटक दलों ने एक साझा सहमति बनाई है, जिसके तहत वे जल्द ही देश के प्रधान न्यायाधीश (CJI) को एक औपचारिक शिकायत पत्र सौंपेंगे.
नीट-यूजी और सीबीएसई विवाद पर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग: शिक्षा व्यवस्था में हो रही अनियमितताओं को लेकर विपक्ष ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला. बैठक में नीट-यूजी (NEET-UG) परीक्षा के पेपर लीक मामले और सीबीएसई (CBSE) पुनर्मूल्यांकन में हुई गड़बड़ियों पर विस्तार से चर्चा की गई. इसे देश के लाखों युवाओं के भविष्य के साथ बड़ा धोखा करार देते हुए इंडिया ब्लॉक ने सर्वसम्मति से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तुरंत इस्तीफे की मांग की है
आर्थिक चुनौतियां, महंगाई और सर्वदलीय बैठक: देश की मौजूदा आर्थिक स्थिति, बढ़ती बेरोजगारी और बेकाबू महंगाई को लेकर भी गठबंधन के नेताओं ने सरकार को घेरने की रणनीति बनाई. विपक्ष का कहना है कि सरकार की आर्थिक नीतियों से आम जनता का बजट पूरी तरह बिगड़ चुका है. इस संकट से निपटने और जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने के लिए इंडिया ब्लॉक ने केंद्र सरकार से तत्काल एक सर्वदलीय बैठक (All-Party Meeting) बुलाने की मांग की है.
भविष्य की रणनीति और नियमित बैठकें: गठबंधन को और अधिक मजबूत और सक्रिय बनाने के लिए संगठनात्मक स्तर पर भी बड़ा फैसला लिया गया. नेताओं ने तय किया है कि अब इंडिया ब्लॉक की बैठकें किसी बड़े अंतराल के बजाय हर दो महीने में नियमित रूप से आयोजित की जाएंगी. इसी रणनीति के तहत गठबंधन की अगली बैठक 8 अगस्त को तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में होना तय हुआ है. इसके अतिरिक्त, संसद के आगामी मानसून सत्र के दौरान सरकार को घेरने के लिए रोजाना सुबह खड़गे के कार्यालय में समन्वय बैठकें भी आयोजित की जाएंगी.