जमशेदपुर : डायन जैसे अंधविश्वास के खिलाफ पूरे झारखंड खासकर कोल्हान प्रमंडल में कई दशक से आंदोलन चलाने वाली पद्मश्री छुटनी महतो ने आज जिले के एसएसपी पीयूष पांडेय से उनके आवास पर मुलाकात की. इस दौरान छुटनी ने एक साधारण महिला से पद्मश्री बनने तक की अपनी पीड़ादायक यात्रा का वर्णन उनसे किया. बताया कि ‘डायन’ कहलाने के बाद उसके पति ने और ग्रामीणों ने उसे गांव से निकाल दिया. तब वह अपने चार छोटे बच्चों के साथ पेड़ के नीचे सोने पर मजबूर हुई. बाद में वह कथित डायनों के प्राणों की रक्षा करने लगी. इसके लिए उसे अंधविश्वासियों से अपनी जान पर खेल कर कड़ा संघर्ष करना पड़ा. छुटनी ने एसएसपी से अनुरोध किया कि जिला में भी अंधविश्वासियों की कमी नहीं है. इसलिए अंधविश्वास के विरोध में आवाज बुलंद करने के लिए उन्होंने एसएसपी से सहयोग मांगा, जिसपर उन्हें पूरा सहयोग मिलने का आश्वासन मिला. छुटनी ने यह भी अनुरोध किया कि जिले में होनेवाली डायन प्रताडऩा के मामले में वे पुलिस को तत्परता बरतने का आदेश दें. मौके पर छुटनी ने एसएसपी को पत्रकार कवि कुमार द्वारा लिखी गई पुस्तक ‘दंगा राजनीति त्रासदी’ भेंट की. मालूम हो इस पुस्तक में कोल्हान के 40 सालों का राजनीतिक, सामाजिक, मानवाधिकार और सांप्रदायिक दंगे का इतिहास प्रकाशित किया गया है.