सर्च न्यूज: सच के साथ: झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने 1 मई, 2026 को रांची के लोक भवन में जनगणना-2027 के पहले चरण के तहत ‘स्व-गणना’ (Self-Enumeration) प्रक्रिया का आधिकारिक शुभारंभ किया।
डिजिटल जनगणना की शुरुआत: यह भारत की पहली पूरी तरह से डिजिटल जनगणना है, जिसका आगाज झारखंड में 1 मई से हुआ है।स्व-गणना का विकल्प: नागरिक 1 मई से 15 मई, 2026 तक आधिकारिक पोर्टल se.census.gov.in पर जाकर स्वयं और अपने परिवार की जानकारी डिजिटल रूप से दर्ज कर सकते हैं।
प्रथम चरण का विवरण: इस चरण में मकानों की सूचीकरण और गणना (House Listing) का कार्य किया जा रहा है। इस दौरान परिवार की संरचना, आवासीय स्थिति और सुविधाओं से संबंधित कुल 33 प्रकार के आंकड़े संकलित किए जाएंगे।
क्षेत्रीय कार्य (फील्ड वर्क): स्व-गणना की अवधि समाप्त होने के बाद, 16 मई से 14 जून, 2026 तक प्रगणक (Enumerators) घर-घर जाकर डेटा एकत्र करेंगे।
अगला चरण: जनगणना का दूसरा चरण, जिसमें जनसंख्या की वास्तविक गणना की जाएगी, फरवरी 2027 में निर्धारित है
राज्यपाल ने इस अभियान की शुरुआत स्वयं अपनी जानकारी दर्ज करके की और राज्य के नागरिकों से इस राष्ट्रीय कार्य में सक्रिय रूप से भाग लेने तथा सटीक जानकारी प्रदान करने का आह्वान किया। [1, 2, 3]