June 23, 2026

Jharkhand:झारखंड के संविदा कर्मियों के लिए बड़ी खबर: नियमित होने के लिए पास करनी होगी प्रतियोगिता परीक्षा

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सर्च न्यूज: सच के साथ: कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग ने राज्य के विभिन्न सरकारी विभागों में कार्यरत संविदा (कॉन्ट्रैक्ट) और आउटसोर्स कर्मचारियों के नियमितीकरण के लिए एक नया फॉर्मूला तैयार किया है। दैनिक जागरण और अन्य मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस नए प्रस्ताव के तहत संविदा कर्मियों को स्थायी यानी नियमित नौकरी पाने के लिए अब एक प्रतियोगिता परीक्षा पास करनी होगी। सरकार के इस कदम से सचिवालय, क्षेत्रीय कार्यालयों, और विभिन्न बोर्ड-निगमों में कार्यरत हजारों कर्मचारियों के नियमित होने का रास्ता साफ होता दिख रहा है।

इस नीति के तहत परीक्षा में शामिल होने वाले अनुभवी संविदा कर्मियों को उनकी सेवा अवधि के आधार पर अतिरिक्त वेटेज (बोनस अंक) दिए जाएंगे। प्रस्ताव के मुताबिक, प्रतियोगिता परीक्षा के कुल पूर्णांक में न्यूनतम 0.15 प्रतिशत से लेकर अधिकतम 15 प्रतिशत तक का वेटेज दिया जाएगा। यह अतिरिक्त वेटेज कर्मचारियों के अनुभव, दक्षता और इतने वर्षों की कार्यकुशलता को मान्यता देने के उद्देश्य से जोड़ा जा रहा है ताकि वे आसानी से परीक्षा उत्तीर्ण कर सकें।अनुभव के आधार पर अंकों के विभाजन की विस्तृत व्यवस्था की गई है, जिसमें कम से कम 3 साल (36 महीने) से अधिक की सेवा देने वाले कर्मियों को ही इस वेटेज का लाभ मिलेगा। विभागीय नियमावली के अनुसार, 36 महीने तक की सेवा पर कोई अंक नहीं दिया जाएगा, जबकि 37 महीने का कार्यकाल पूरा होने पर 0.15% वेटेज मिलना शुरू होगा। इसी तरह 40 महीने पर 0.60%, 60 महीने (5 साल) पर 3.60%, और 120 महीने (10 साल) की सेवा पर 12.60% वेटेज निर्धारित किया गया है। जो कर्मचारी 136 महीने या उससे अधिक समय से कार्यरत हैं, उन्हें अधिकतम 15% का लाभ मिलेगा।

कार्मिक विभाग द्वारा तैयार किए गए इस विशेष प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी के लिए राज्य के विधि और वित्त विभाग के पास परामर्श एवं सहमति के लिए भेजा गया है। वर्तमान में झारखंड के स्वास्थ्य, शिक्षा (पारा शिक्षक), कंप्यूटर ऑपरेटर, और तकनीकी क्षेत्रों समेत कई विभागों में लगभग 1.6 लाख संविदा व आउटसोर्स कर्मचारी अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इन विभागों से अनापत्ति और वित्तीय समीक्षा मिलने के बाद सरकार इस नीति को पूरी तरह लागू कर देगी।