June 23, 2026

94% से 100% तक: री-चेकिंग ने बना दिया देश की टॉपर

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रांची की छात्रा अवनी केजरीवाल ने साबित कर दिया कि अपनी मेहनत पर भरोसा कभी व्यर्थ नहीं जाता। सीबीएसई कक्षा 12 के परिणामों में शुरुआत में 94 प्रतिशत अंक पाने वाली डीपीएस रांची की कॉमर्स छात्रा ने पुनर्मूल्यांकन के बाद ऐसा इतिहास रच दिया, जिसने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। अंक दोबारा जांचे जाने के बाद अवनी को सभी विषयों में पूर्ण अंक मिले और वह 500 में 500 अंक हासिल कर देश की टॉपर बन गईं।

13 मई को घोषित मूल परिणाम में अवनी को 94 प्रतिशत अंक मिले थे। हालांकि उन्हें विश्वास था कि परीक्षा में उनका प्रदर्शन इससे कहीं बेहतर था। इसी भरोसे के साथ उन्होंने सीबीएसई की मार्क्स वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया के लिए आवेदन किया। बोर्ड द्वारा उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा जांच के बाद उनके अंकों में आश्चर्यजनक बढ़ोतरी दर्ज हुई और उनका परिणाम सीधे 100 प्रतिशत पर पहुंच गया।

सीबीएसई ने इस वर्ष छात्रों को पहले उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन कॉपी उपलब्ध कराई, जिसके बाद उन्हें सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन का अवसर दिया गया। यह नई व्यवस्था डिजिटल मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर उठे सवालों के बीच लागू की गई थी। अवनी का मामला इस प्रक्रिया की अहमियत को उजागर करता है, जहां एक छात्रा की वास्तविक उपलब्धि पुनर्मूल्यांकन के बाद सामने आ सकी।

डीपीएस रांची की प्राचार्या डॉ. जया चौहान ने अवनी की सफलता को विद्यालय और पूरे झारखंड के लिए गर्व का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि अवनी की मेहनत, आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प अन्य छात्रों के लिए प्रेरणा हैं। अवनी की यह उपलब्धि केवल एक परीक्षा परिणाम नहीं, बल्कि यह संदेश भी है कि यदि आपको अपनी मेहनत पर विश्वास है, तो सही अवसर मिलने पर वह विश्वास असाधारण सफलता में बदल सकता है।