नशे के खिलाफ सरायकेला का बड़ा संदेश, युवाओं को मिली चेतावनी
सरायकेला-खरसावां में राज्यव्यापी नशामुक्ति जागरूकता अभियान का समापन एक प्रेरक संदेश के साथ हुआ। 10 जून से 26 जून तक चले इस अभियान के अंतिम दिन समाहरणालय सभागार में ‘नशामुक्त समाज के निर्माण’ विषय पर उच्च स्तरीय सेमिनार आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उपायुक्त राजीव रंजन, उप विकास आयुक्त (डीडीसी) सहित कई प्रशासनिक अधिकारियों और विशेषज्ञों ने भाग लेकर समाज को नशे के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया।
मनोवैज्ञानिक पुष्पा वाला महतो ने बताया कि नशे की लत केवल एक आदत नहीं, बल्कि मस्तिष्क को प्रभावित करने वाली गंभीर मानसिक प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि जिज्ञासा, साथियों का दबाव, पारिवारिक तनाव और अभिभावकों की निगरानी का अभाव युवाओं को नशे की ओर धकेलने वाले प्रमुख कारण हैं। समय रहते सही मार्गदर्शन और पारिवारिक सहयोग से इस समस्या पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।
विशेषज्ञों ने सेमिनार में मनोवैज्ञानिक, चिकित्सकीय, कानूनी और सामाजिक पहलुओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए लोगों से नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। प्रशासन का मानना है कि जागरूकता, सामूहिक प्रयास और सामाजिक सहयोग के जरिए ही आने वाली पीढ़ी को नशे की गिरफ्त से बचाया जा सकता है।
