June 29, 2026

रिम्स निदेशक के इस्तीफे पर सरयू राय का बड़ा दावा

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रांची के राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) के पूर्व निदेशक डॉ. राजकुमार के इस्तीफे को लेकर झारखंड की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने दावा किया है कि डॉ. राजकुमार का इस्तीफा किसी व्यक्तिगत कारण से नहीं, बल्कि कथित प्रशासनिक दबाव और लंबित भुगतान को लेकर बने विवाद का परिणाम है। उनके बयान के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर भी सवाल उठने लगे हैं।

सरयू राय के अनुसार, ‘मेडॉल’ और ‘हेल्थ मैप’ नामक जांच एजेंसियों ने करीब 100 करोड़ रुपये के बकाया बिल का दावा किया था। उनका आरोप है कि इससे पहले रिम्स के तत्कालीन निदेशक डॉ. कामेश्वर प्रसाद ने भी भुगतान से इनकार करते हुए बिल में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं की आशंका जताई थी। राय का कहना है कि डॉ. राजकुमार पर भी इसी भुगतान को मंजूरी देने का दबाव बनाया गया, लेकिन उन्होंने लिखित सरकारी आदेश और धन वापसी की स्पष्ट गारंटी के बिना भुगतान करने से इनकार कर दिया।

विधायक का आरोप है कि रिम्स एक स्वायत्तशासी संस्था होने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग चाहता था कि निदेशक बिना आपत्ति भुगतान कर दें। इसी मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच मतभेद लगातार बढ़ते गए। इससे पहले भी सरयू राय ने आरोप लगाया था कि डॉ. राजकुमार को विभागीय स्तर पर प्रताड़ित किया गया और उनके खिलाफ सीआईडी जांच जैसी कार्रवाई भी हुई, जिसने पूरे विवाद को और गंभीर बना दिया।

हालांकि, स्वास्थ्य विभाग की ओर से सरयू राय के इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, डॉ. राजकुमार के इस्तीफे और उससे जुड़े घटनाक्रम की जांच की मांग तेज होती जा रही है। अब इस पूरे मामले पर सरकार का अगला कदम और संभावित जांच की दिशा झारखंड की राजनीति के साथ-साथ राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए भी अहम मानी जा रही है।