एनटीपीसी अधिकारियों व पुलिस जवानों का जीवनरक्षक बना आरोग्यम हॉस्पिटल सभी घायल सुरक्षित और उपचाररत
सर्च न्यूज़ सच के साथ – मानवता ही हमारी असली पहचान है संकट की घड़ी में हम हमेशा मरीजों की सेवा में पूरी तरह समर्पित रहते है : हर्ष अजमेरा

इस घटना में कई लोग एनटीपीसी के घायल हो गए लगभग 10 अधिकारी और 4 पुलिसकर्मी घायल हुए। इनमें एक एचओपी स्तर के अधिकारी और तीन डीएम स्तर के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हैं। चोटें अधिकतर सिर, हाथ और शरीर के अन्य हिस्सों में आईं।
घटना के बाद सभी घायलों को तुरंत आरोग्यम अस्पताल पहुँचाया गया। यहाँ अस्पताल प्रशासन, संचालक और पाँच सदस्यीय विशेषज्ञ चिकित्सक टीम पहले से तैयार खड़ी थी।

बिना समय गंवाए घायलों का प्राथमिक उपचार शुरू किया गया और उनकी हालत को स्थिर किया गया। गंभीर रूप से घायल मरीजों को आरोग्यम कुणाल अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया, जहाँ उनका इलाज लगातार जारी है। मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. बी.एन. प्रसाद ने बताया कि सभी घायल खतरे से बाहर हैं। कुछ को सिर एवं शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आई हैं।
हमारी टीम सतर्क रहकर उनका इलाज कर रही है और सभी को पूर्ण रूप से स्वस्थ करने के लिए प्रयासरत है। एनटीपीसी बादाम कोल ब्लॉक के एचओपी अरुण कुमार सक्सेना ने अस्पताल की तत्परता और सेवा भावना की प्रशंसा करते हुए कहा कि जैसे ही हम अस्पताल पहुँचे, पूरी टीम हमारे इलाज में लग गई। बिना किसी देरी के एक्स-रे, जाँच और दवाइयों की प्रक्रिया शुरू की गई।

आरोग्यम अस्पताल की त्वरित कार्रवाई पर उनकी प्रशंसा और उन्हें आभार प्रकट करता हूं साथ ही कहा कि एनटीपीसी के साथ पहली बार ऐसी घटना हुई है सभी लोग जल्द स्वस्थ हो ईश्वर से यही कामना करते हैं अस्पताल के निर्देशक हर्ष अजमेरा ने कहा कि आरोग्यम अस्पताल का सिद्धांत है मरीज पहले, बाकी सब बाद में।
हमारी पूरी टीम ने यह सुनिश्चित किया कि किसी घायल को इलाज के लिए इंतजार न करना पड़े। ऐसे समय में हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी जीवन बचाना और मरीज को तुरंत राहत देना है।

यह हमारे लिए सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि एक सेवा है।आरोग्यम अस्पताल न केवल हजारीबाग का प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र है, बल्कि आपदा और आपातकालीन स्थितियों में सबसे भरोसेमंद सहयोगी साबित हुआ है। इस घटना ने एक बार फिर यह दिखा दिया कि आरोग्यम केवल इलाज का नाम नहीं, बल्कि मानवता और समर्पण का प्रतीक है।
