शरद पवार का बड़ा दांव! कांग्रेस में विलय की चर्चा अंतिम दौर में
महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। सूत्रों के अनुसार, शरद पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी-शरदचंद्र पवार) और कांग्रेस के बीच विलय को लेकर बातचीत अंतिम चरण में पहुंच गई है। बताया जा रहा है कि नई दिल्ली में दोनों दलों के शीर्ष नेतृत्व के बीच कई दौर की सकारात्मक चर्चाएं हो चुकी हैं और जल्द ही इस पर बड़ा फैसला सामने आ सकता है।
हालांकि, पार्टी के भीतर इस मुद्दे पर एकराय नहीं है। जानकारी के अनुसार, एक धड़ा भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए में शामिल होने का पक्षधर है। उनका मानना है कि सत्ता से बाहर रहने के कारण विकास कार्यों और क्षेत्रीय मुद्दों को आगे बढ़ाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं दूसरा धड़ा कांग्रेस के साथ विलय को पार्टी के भविष्य के लिए अधिक उपयुक्त विकल्प मान रहा है।
गौरतलब है कि शरद पवार ने 1999 में कांग्रेस से अलग होकर एनसीपी का गठन किया था। इसके बाद 2023 में उनके भतीजे अजित पवार ने पार्टी में बगावत कर अलग गुट बना लिया और महाराष्ट्र की भाजपा-शिवसेना सरकार में शामिल हो गए। अब यदि कांग्रेस और शरद पवार गुट के बीच विलय होता है, तो यह केवल महाराष्ट्र ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय राजनीति के समीकरणों को भी महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित कर सकता है।
