RSS की फंडिंग पर उठे सवाल, सियासत गरमाई
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की फंडिंग और वित्तीय पारदर्शिता को लेकर देश की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद हुसैन दलवई ने RSS की आय के स्रोत, कानूनी स्थिति और वित्तीय संचालन को लेकर स्वतंत्र जांच की मांग की है। उनका कहना है कि देश के सबसे प्रभावशाली संगठनों में शामिल RSS को भी अपनी वित्तीय गतिविधियों के बारे में सार्वजनिक जवाबदेही दिखानी चाहिए।
हुसैन दलवई ने दावा किया कि RSS को मिलने वाले धन और उसके उपयोग को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि धर्म, मंदिरों और अन्य संस्थानों के नाम पर जुटाए गए धन के उपयोग की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने विदेशी स्रोतों से संभावित फंडिंग की आशंकाओं की भी जांच कराने की मांग की। हालांकि, उन्होंने इस बात पर संदेह जताया कि मौजूदा सरकार इस तरह की जांच शुरू करेगी।
वहीं RSS प्रमुख मोहन भागवत ने इन आरोपों और मांगों को राजनीतिक प्रेरित बताते हुए खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि RSS एक खुला संगठन है, सरकारी धन पर निर्भर नहीं है और इसलिए उस पर ऐसे नियम लागू नहीं होते जिनकी मांग की जा रही है। इस मुद्दे ने एक बार फिर देश में राजनीतिक संगठनों, वैचारिक संस्थाओं और सार्वजनिक जीवन में पारदर्शिता को लेकर बहस छेड़ दी है, जिसके आने वाले दिनों में और तेज होने की संभावना है।
