Sanjay Khanna takes charge as BPCL CMD, to focus on ₹75,000 crore investment plan: संजय खन्ना ने संभाला भारत पेट्रोलियम के CMD का पदभार, 75,000 करोड़ के निवेश की योजना पर होगा फोकस
सर्च न्यूज: सच के साथ: भारत की दूसरी सबसे बड़ी सरकारी तेल कंपनी भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (BPCL) को नया नेतृत्व मिल गया है। अनुभवी ऊर्जा क्षेत्र के अधिकारी *संजय खन्ना* ने आधिकारिक रूप से BPCL के *अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (CMD)* का पदभार ग्रहण कर लिया है।पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की ओर से 9 अप्रैल 2026 को जारी पत्र के अनुसार, उनकी नियुक्ति 9 अप्रैल 2026 से प्रभावी है और वह 31 मई 2029 को सेवानिवृत्ति तक या अगले आदेश तक इस पद पर बने रहेंगे।*जी कृष्णकुमार के बाद मिली कमान*संजय खन्ना इससे पहले BPCL में डायरेक्टर (रिफाइनरीज) के पद पर कार्यरत थे। 30 अप्रैल 2025 को तत्कालीन CMD जी कृष्णकुमार के सेवानिवृत्त होने के बाद वह CMD का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे थे। अब मंत्रालय की औपचारिक नियुक्ति के साथ वह पूर्णकालिक CMD बन गए हैं।*तीन दशक का रिफाइनरी अनुभव*केमिकल इंजीनियरिंग में NIT तिरुचिरापल्ली से स्नातक और मुंबई विश्वविद्यालय से फाइनेंस मैनेजमेंट में स्नातकोत्तर संजय खन्ना BPCL में पिछले 30 वर्षों से विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत रहे हैं। उन्होंने कंपनी की कोच्चि और मुंबई दोनों प्रमुख रिफाइनरियों का नेतृत्व किया है। 22 फरवरी 2022 से वह डायरेक्टर (रिफाइनरीज) के पद पर थे।कोच्चि रिफाइनरी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर रहते हुए उन्होंने कोरोना महामारी जैसी चुनौतियों के बीच भी BPCL का पहला ‘निच पेट्रोकेमिकल’ प्रोजेक्ट – *प्रोपलीन डेरिवेटिव पेट्रोकेमिकल प्रोजेक्ट (PDPP)* सफलतापूर्वक चालू कराया था। इसे BPCL की पेट्रोकेमिकल क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि माना जाता है।*75,000 करोड़ का निवेश रोडमैप*संजय खन्ना के नेतृत्व में BPCL ने अगले पांच वर्षों में ₹75,000 करोड़ का बड़ा निवेश प्लान तैयार किया है। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा मध्य प्रदेश के बीना में बनने वाले *₹50,000 करोड़ के बीना पेट्रोकेमिकल एंड रिफाइनरी एक्सपेंशन प्रोजेक्ट (BPREP)* का है। यह BPCL का अब तक का सबसे बड़ा एकल निवेश होगा। यह कदम ऐसे समय में आया है जब भारत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में रिफाइनिंग क्षमता बढ़ाने और ऊर्जा आत्मनिर्भरता हासिल करने पर जोर दे रहा है।*चयन प्रक्रिया में रही लंबी खींचतान*CMD पद के लिए चयन प्रक्रिया काफी लंबी रही। सरकारी हेडहंटर PESB ने 1 फरवरी 2025 को उम्मीदवारों का इंटरव्यू लिया था, लेकिन किसी को उपयुक्त नहीं पाया और मंत्रालय को सर्च-कम-सेलेक्शन कमेटी (SC) गठित करने की सिफारिश की। कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने 24 मार्च 2025 को SCSC का गठन किया, जिसकी अध्यक्षता PESB चेयरपर्सन मल्लिका श्रीनिवासन ने की। कमेटी में तत्कालीन पेट्रोलियम सचिव पंकज जैन और HPCL के पूर्व CMD एम के सुराणा को बाहरी विशेषज्ञ के रूप में शामिल किया गया था। इसी कमेटी ने संजय खन्ना के नाम की सिफारिश की।*अन्य महत्वपूर्ण भूमिकाएँ*संजय खन्ना वर्तमान में भारत पेट्रोरिसोर्सेज लिमिटेड, पेट्रोनेट एलएनजी लिमिटेड और रत्नागिरि रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड के बोर्ड में निदेशक हैं। इसके अलावा वह पेट्रोलियम मंत्रालय के तहत ‘टेक्निकल कमेटी फॉर पेट्रोलियम रिफाइनरीज’ के अध्यक्ष भी हैं।BPCL ने स्टॉक एक्सचेंज को दी गई सूचना में यह भी बताया कि संजय खन्ना SEBI या किसी अन्य नियामक संस्था द्वारा निदेशक पद के लिए अयोग्य घोषित नहीं हैं। उनके पास कंपनी के 15,050 शेयर भी हैं।ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि रिफाइनरी संचालन और तकनीकी सेवाओं में उनके तीन दशक के अनुभव से BPCL को विस्तार और आधुनिकीकरण के अगले चरण में मजबूती मिलेगी।

