उत्तर प्रदेश में बकरीद का त्योहार इस बार कड़ी सुरक्षा और प्रशासनिक सतर्कता के बीच शांतिपूर्ण तरीके से मनाया गया। चंदौली से लेकर आगरा, अयोध्या, संभल और सहारनपुर तक राज्य के कई जिलों में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने मस्जिदों और ईदगाहों में नमाज अदा की और देश में अमन, तरक्की और भाईचारे की दुआ मांगी।
योगी सरकार की गाइडलाइन के तहत इस बार सड़कों पर नमाज और खुले में कुर्बानी पर पूरी तरह रोक रही। प्रशासन ने पहले से ही साफ निर्देश जारी कर दिए थे, जिनका अधिकांश जगहों पर सख्ती से पालन भी कराया गया। संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल की तैनाती की गई थी, वहीं कई जिलों में ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी के जरिए निगरानी रखी गई।
त्योहार के दौरान प्रशासन और पुलिस अधिकारियों की लगातार गश्त भी देखने को मिली। कई जगहों पर मजिस्ट्रेट खुद मौके पर मौजूद रहे ताकि किसी तरह की अफवाह या अव्यवस्था फैलने न पाए। सोशल मीडिया पर भी विशेष निगरानी रखी गई।
हालांकि सुरक्षा सख्त थी, लेकिन त्योहार का उत्साह कम नहीं दिखा। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर बकरीद की मुबारकबाद दी। बच्चों और युवाओं में खास उत्साह नजर आया, जबकि बाजारों में भी रौनक बनी रही।
संभल, अयोध्या और आगरा जैसे शहरों में प्रशासन ने साफ-सफाई और ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर भी विशेष तैयारी की थी। खुले में कुर्बानी रोकने के लिए नगर निकाय की टीमें लगातार सक्रिय रहीं।
इस बार की बकरीद ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि त्योहार सिर्फ धार्मिक आस्था का नहीं, बल्कि सामाजिक सौहार्द और अनुशासन का भी प्रतीक है। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद प्रदेश में शांति बनी रही, जिसे प्रशासन अपनी बड़ी सफलता मान रहा है।