June 12, 2026

सियासत में एंट्री, डिग्री पर चर्चा!

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बिहार की राजनीति में एक नई पारी की शुरुआत के साथ ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार अचानक सुर्खियों के केंद्र में आ गए हैं। विधान परिषद (MLC) चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करते ही उनकी राजनीतिक शुरुआत तो चर्चा में आई ही, लेकिन उससे भी ज्यादा चर्चा उनके शैक्षणिक रिकॉर्ड को लेकर शुरू हो गई है।

नामांकन पत्र के साथ दाखिल किए गए हलफनामे के अनुसार, निशांत कुमार ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई शुरू तो की थी, लेकिन उसे पूरा नहीं कर सके। उन्होंने पटना साइंस कॉलेज से इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी करने के बाद रांची स्थित बिरला प्रौद्योगिकी संस्थान (BIT Mesra) में इंजीनियरिंग में दाखिला लिया था। हालांकि, आठ सेमेस्टर के कोर्स में उन्होंने केवल पांच सेमेस्टर पूरे किए और वर्ष 2001 में पढ़ाई बीच में छोड़ दी।

दिलचस्प बात यह है कि जहां निशांत अपनी इंजीनियरिंग की डिग्री पूरी नहीं कर पाए, वहीं उनके पिता नीतीश कुमार इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी कर चुके हैं। नीतीश कुमार ने तत्कालीन बिहार कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, जो आज NIT पटना के नाम से जाना जाता है, से इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की थी और बाद में राजनीति में लंबी पारी खेली।

राजनीतिक गलियारों में अब चर्चा इस बात की है कि क्या निशांत कुमार अपने पिता की राजनीतिक विरासत को उसी मजबूती से आगे बढ़ा पाएंगे, जैसी सफलता नीतीश कुमार ने दशकों में हासिल की है। नामांकन के बाद निशांत ने कहा कि उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी गई है, उसे वे पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ निभाएंगे और विकसित बिहार के सपने को आगे बढ़ाने का प्रयास करेंगे।

निशांत कुमार की राजनीति में एंट्री ऐसे समय हुई है जब बिहार में चुनावी माहौल धीरे-धीरे गर्म हो रहा है। ऐसे में उनकी उम्मीदवारी को सिर्फ एक राजनीतिक नियुक्ति नहीं, बल्कि भविष्य की राजनीति की दिशा तय करने वाले कदम के रूप में भी देखा जा रहा है।

फिलहाल, सियासत के मंच पर उनकी पहली दस्तक ने कई सवाल और चर्चाएं पैदा कर दी हैं। अब सबकी नजर इस बात पर है कि इंजीनियरिंग की अधूरी पढ़ाई के बाद शुरू हुई यह राजनीतिक यात्रा उन्हें बिहार की राजनीति में कितनी दूर तक ले जाती है।

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