सर्च न्यूज: सच के साथ: भारत निर्वाचन आयोग ने झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम की घोषणा की है। इस महाअभियान की औपचारिक शुरुआत 20 जून 2026 से होने जा रही है। इस विशेष पुनरीक्षण का मुख्य उद्देश्य राज्य की चुनावी व्यवस्था को पूरी तरह से पारदर्शी, सटीक और त्रुटिहीन बनाना है, ताकि कोई भी पात्र नागरिक अपने मताधिकार से वंचित न रहे।
इस अभियान के तहत 30 जून से 29 जुलाई 2026 तक राज्य भर में बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं का भौतिक सत्यापन करेंगे। पूरे झारखंड में लगभग 2.64 करोड़ से अधिक मतदाताओं के विवरण की बारीकी से जांच करने के लिए निर्वाचन आयोग द्वारा 29,571 बीएलओ तैनात किए जा रहे हैं। इस दौरान बीएलओ हर परिवार को इन्यूमरेशन फॉर्म (Enumeration Form) वितरित करेंगे और मतदाताओं की प्रविष्टियों को सत्यापित कर डेटा एकत्र करेंगे।
निर्वाचन आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, इस अभियान के बाद 5 अगस्त 2026 को प्रारूप (ड्राफ्ट) मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा। नागरिक 5 अगस्त से 4 सितंबर 2026 के बीच सूची पर अपनी आपत्तियां या दावे दर्ज करा सकेंगे। सभी दावों और आपत्तियों के अंतिम निपटारे के बाद, 7 अक्टूबर 2026 को अंतिम व संशोधित मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा।