मानसून सत्र से पहले‚ सरकार और विपक्ष की रणनीतिक बैठक
झारखंड विधानसभा का तृतीय सत्र 1 अगस्त से 7 अगस्त तक आयोजित किया जाना है। इस सत्र के सफल, सुचारु और गरिमामय संचालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 31 जुलाई को झारखंड विधानसभा परिसर में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई।
उन्होंने कहा कि विधानसभा संवाद का मंच है, और इसे राजनीति से ऊपर उठकर जनहित के लिए उपयोग में लाया जाना चाहिए।मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने भी सभी दलों से सहयोग की अपेक्षा जताते हुए कहा कि सरकार विपक्ष के सभी सवालों का जवाब देने को तैयार है। उन्होंने यह भरोसा दिलाया कि सत्र के दौरान सभी आवश्यक विधायी कार्य समयबद्ध और मर्यादित ढंग से संपन्न कराए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के सफल संचालन में विपक्ष की भूमिका भी उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी सत्तापक्ष की।बैठक में विपक्ष के नेताओं ने भी सहयोग की भावना जताई, हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार से कई महत्त्वपूर्ण मुद्दों पर जवाबदेही ली जाएगी। बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि सदन में अनुशासन और गरिमा को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि जनप्रतिनिधित्व का सही उदाहरण प्रस्तुत किया जा सके।झारखंड विधानसभा सचिवालय के सूत्रों के अनुसार, मानसून सत्र के दौरान कई महत्वपूर्ण विधेयक प्रस्तुत किए जाएंगे और राज्य के सामाजिक-आर्थिक विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
