तांत्रिक की सलाह बनी काल? 10 दिन में पांच मौतें
झारखंड के पलामू जिले में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की 10 दिनों के भीतर हुई मौतों ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि परिवार बीमारी के दौरान अस्पताल में नियमित इलाज कराने के बजाय झाड़-फूंक और तांत्रिक के बताए उपायों पर भरोसा कर रहा था। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, परिवार कथित तौर पर तांत्रिक के कहने पर राख का सेवन भी कर रहा था। हालांकि, मौतों का वास्तविक कारण अभी जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
घटना की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग, पुलिस और विशेषज्ञों की संयुक्त टीम जांच में जुटी है। अधिकारियों ने कथित तौर पर सेवन की गई राख, खाद्य सामग्री और अन्य संदिग्ध वस्तुओं के नमूने जांच के लिए एकत्र किए हैं। मृतकों का विसरा भी सुरक्षित रखकर फोरेंसिक परीक्षण के लिए भेजा गया है, ताकि मौतों की सही वजह का वैज्ञानिक आधार पर पता लगाया जा सके।
स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि परिवार को कई बार अस्पताल में उपचार कराने की सलाह दी गई थी, लेकिन वे चिकित्सा के साथ-साथ झाड़-फूंक का सहारा लेते रहे। डॉक्टरों ने यह भी आशंका जताई है कि किसी विषैले पदार्थ या ड्रॉप्सी जैसी बीमारी की भी जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट आने तक प्रशासन ने किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से बचने की अपील की है, जबकि यह घटना अंधविश्वास और समय पर चिकित्सा न मिलने के खतरों पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
