Tata Motors Gate Jam : स्थानीय युवाओं को रोजगार की मांग पर टाटा मोटर्स का गेट जाम, कामकाज घंटों प्रभावित
Tata Motors Gate Jam
Tata Motors Gate Jam : लौहनगरी के टेल्को स्थित टाटा मोटर्स कंपनी के मुख्य द्वार पर मंगलवार को भारी विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता देने की मांग को , समर्थकों ने कंपनी के मुख्य गेट को जाम कर दिया। इस अचानक हुए प्रदर्शन और घेराबंदी से कंपनी के भीतर और बाहर अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जिसका सीधा असर कंपनी के उत्पादन कार्य पर भी पड़ा।
गेट जाम से शिफ्ट बदली बाधित, फंसे रहे कर्मचारी
प्रदर्शनकारियों द्वारा गेट जाम किए जाने के कारण कंपनी की कार्यप्रणाली पूरी तरह चरमरा गई। स्थिति यह थी कि ‘बी शिफ्ट’ के कर्मचारी काम पर जाने के लिए कंपनी के अंदर प्रवेश नहीं कर सके, वहीं ‘ए शिफ्ट’ में अपनी ड्यूटी पूरी कर चुके कर्मचारी समय पर बाहर नहीं निकल पाए। सैकड़ों कर्मचारी गेट पर घंटों फंसे रहे, जिससे औद्योगिक क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।
प्रबंधन और यूनियन पर मिलीभगत का आरोप
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे बंटी सिंह ने कंपनी प्रबंधन और टाटा मोटर्स यूनियन के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मैनेजमेंट और यूनियन की मिलीभगत के कारण स्थानीय योग्य युवाओं और कंपनी के कर्मचारियों के बच्चों को रोजगार के अवसरों से जानबूझकर वंचित किया जा रहा है। यह स्थानीय लोगों के हक पर डाका डालने जैसा है।
बंटी सिंह ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि जब तक स्थानीय युवाओं को नियोजन में प्राथमिकता देने की मांग स्वीकार नहीं की जाती, तब तक यह आंदोलन और अधिक उग्र होगा। प्रदर्शन के दौरान “बंटी सिंह जिंदाबाद” के नारों से पूरा टेल्को क्षेत्र गूंजता रहा।
पुलिस और क्यूआरटी तैनात, वार्ता रही बेनतीजा
मामले की गंभीरता को देखते हुए टेल्को और गोविंदपुर थाने की पुलिस के साथ ही त्वरित कार्य बल (QRT) की बड़ी टुकड़ी को मौके पर तैनात किया गया। प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों और प्रबंधन के बीच मध्यस्थता कर मामला सुलझाने का प्रयास किया, लेकिन खबर लिखे जाने तक कोई ठोस परिणाम नहीं निकल सका था।
टेल्को थाना प्रभारी सुरेश प्रसाद ने बताया कि पुलिस बल को पूरी तरह सतर्क रखा गया है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। दूसरी ओर, इस पूरे विवाद और गेट जाम को लेकर टाटा मोटर्स प्रबंधन की ओर से अभी तक कोई भी आधिकारिक बयान या स्पष्टीकरण जारी नहीं किया गया है।
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