ट्विशा शर्मा मौत मामले में गुरुवार को बड़ा मोड़ आ गया, जब CBI ने भोपाल से पूर्व जज गिरिबाला सिंह को गिरफ्तार कर लिया। गिरिबाला सिंह, ट्विशा शर्मा की सास हैं और उन पर दहेज प्रताड़ना, मानसिक उत्पीड़न और सबूतों से छेड़छाड़ जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। इस गिरफ्तारी के बाद मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है।
बताया जा रहा है कि मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने एक दिन पहले ही गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। कोर्ट ने मामले को बेहद गंभीर मानते हुए कई अहम टिप्पणियां भी कीं। अदालत ने कहा कि ट्विशा के शरीर पर सात एंटीमॉर्टम चोटों के निशान मिले थे, जो किसी गंभीर अपराध की ओर इशारा करते हैं।
कोर्ट ने यह भी माना कि जांच के दौरान गिरिबाला सिंह ने सहयोग नहीं किया और व्हाट्सएप चैट्स से मानसिक उत्पीड़न के संकेत भी मिले हैं। हाई कोर्ट ने इस बात पर भी चिंता जताई कि गिरिबाला सिंह साइबर क्राइम और फॉरेंसिक जांच की जानकारी रखने वाली रिटायर्ड ज्यूडिशियल अधिकारी रही हैं, ऐसे में सबूतों के साथ छेड़छाड़ की आशंका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
ट्विशा शर्मा की मौत 12 मई को उनके ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी। शुरुआती जांच में इसे आत्महत्या बताया गया, लेकिन परिवार ने लगातार दहेज प्रताड़ना और मानसिक उत्पीड़न के आरोप लगाए। इसके बाद मामला तेजी से तूल पकड़ता गया और आखिरकार CBI ने जांच अपने हाथ में ले ली।
इस मामले में ट्विशा के पति समर्थ सिंह भी पहले से आरोपी हैं। वह कुछ दिनों तक फरार रहने के बाद अदालत में सरेंडर कर चुके हैं। CBI की FIR के मुताबिक, शादी के समय विदाई के दौरान ट्विशा के परिवार से 2 लाख रुपये की मांग की गई थी।
मामले को लेकर सोशल मीडिया पर भी जबरदस्त बहस छिड़ी हुई है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर कानून और न्याय व्यवस्था से जुड़े लोग अगर खुद आरोपों के घेरे में हों, तो आम लोगों का भरोसा कैसे कायम रहेगा।
फिलहाल, CBI की जांच जारी है और माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस केस में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।