Jharkhand’s Health Minister’s Taunt : मोदी सरकार के आम बजट पर झारखंड के स्वास्थ मंत्री का तंज, मांगा था एम्स मिला पागलखाना
- निर्माण के बाद होंगे तीन बड़े पागलखाने, अब रांची बनेगी देश की ‘मेंटल हेल्थ कैपिटल’
New Delhi/Ranchi : केंद्रीय बजट ने झारखंड की राजधानी रांची को मानसिक स्वास्थ्य के नक्शे पर सबसे आगे ला खड़ा किया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की घोषणा के बाद रांची अब देश का सबसे बड़ा मानसिक स्वास्थ्य केंद्र बनने जा रही है। हालांकि, राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने इस पर संतोष जताया है, लेकिन तंज भी कसा है। उन्होंने कहा है कि केंद्र सरकार से यहां के लिए एम्स की मांग की गई थी, लेकिन पागलखाना (मानसिक स्वास्त्य संस्थान) मिला।
तीन मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों वाला पहला शहर
निर्माण पूरा होने के बाद रांची देश का पहला शहर होगा, जहां एक साथ तीन बड़े मानसिक स्वास्थ्य संस्थान (पागलखाने) सक्रिय होंगे :
- CIP (केंद्र सरकार)
- RINPAS (राज्य सरकार)
- NIMHANS 2.0 प्रस्तावित (राष्ट्रीय संस्थान)
यह उपलब्धि रांची को इलाज, रिसर्च और मेडिकल शिक्षा का राष्ट्रीय केंद्र बना देगी।
उत्तर भारत को पहली बड़ी सौगात
अब तक राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य संस्थान केवल बेंगलुरु में था। उत्तर भारत में इसकी कमी लंबे समय से महसूस की जा रही थी। इस कमी को दूर करने के लिए केंद्र ने रांची को चुना, जो पहले से ही इस क्षेत्र में मजबूत पहचान रखता है।
500 बेड का सुपर अस्पताल
बजट के अनुसार CIP परिसर में 500 बेड का अत्याधुनिक अस्पताल बनेगा। इसमें न्यूरोलॉजी, न्यूरो सर्जरी और बाल चिकित्सा जैसी सुविधाएं शामिल होंगी। यह परियोजना करीब 220 एकड़ क्षेत्र में विकसित की जाएगी।
सौ साल की विरासत, नई उड़ान
1918 में शुरू हुआ CIP आज सौ साल की विरासत समेटे हुए है। अब बजट की इस घोषणा ने रांची को मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में राष्ट्रीय नेतृत्व की दिशा में पहुंचा दिया है। इस तरह तीन मानसिक स्वास्थ्य संस्थान, एक शहर रांची अब सिर्फ राजधानी नहीं, मानसिक स्वास्थ्य की पहचान बन रही है।
